CEC Meeting Appointment Process : मुख्य चुनाव आयुक्त देश की चुनाव व्यवस्था में बेहद अहम पद पर होते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या कोई आम नागरिक या राजनीतिक दल सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर सकता है। मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर इन दिनों राजनीतिक हलचल भी तेज है। ऐसे में चुनाव आयोग से मुलाकात की प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है।
मुलाकात के लिए देना होता है आवेदन
अगर कोई व्यक्ति या प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहता है तो उसे पहले औपचारिक आवेदन देना होता है। आवेदन में मिलने की वजह साफ तौर पर बतानी होती है। साथ ही यह जानकारी भी देनी होती है कि कौन-कौन लोग मुलाकात में शामिल होंगे और उनका पद या परिचय क्या है। संपर्क के लिए फोन नंबर, पता और ईमेल जैसी जानकारी भी देनी होती है।
आवेदन कहां भेजा जा सकता है
मुलाकात के लिए आवेदन मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय को भेजा जा सकता है। इसके लिए डाक के साथ ईमेल का रास्ता भी इस्तेमाल किया जा सकता है। चुनाव आयोग का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में है। आवेदन मिलने के बाद उसे सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त के पास भेजने के बजाय पहले संबंधित कार्यालय और सचिवालय की ओर से देखा जाता है।
समय मिलने का फैसला कैसे होता है
आवेदन मिलने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का सचिवालय उसकी जांच करता है। मुद्दा चुनाव प्रक्रिया या आयोग के काम से जुड़ा है और मुलाकात जरूरी समझी जाती है तो समय दिया जा सकता है। हर आवेदन पर तुरंत मुलाकात तय होना जरूरी नहीं है। कई बार मुख्य चुनाव आयुक्त व्यस्त होने पर किसी वरिष्ठ अधिकारी को प्रतिनिधिमंडल से मिलने और ज्ञापन लेने की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
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ज्ञानेश कुमार को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा
इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच काफी चर्चा चल रही है। विपक्ष ने मतदाता सूची में बदलाव और विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए हैं। हाल में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग से मिलने की कोशिश भी की थी और बाद में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के लिए समय मांगने की बात सामने आई। ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर पद संभाला था। उनकी नियुक्ति 2023 के कानून के तहत हुई थी।