
Celebrating Diwali: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार की दिवाली भारतीय नौसेना के जवानों के साथ आईएनएस विक्रांत पर मनाई। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन की सबसे खास दिवाली है क्योंकि वे अपने “परिवार जनों” यानी देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच हैं। पीएम मोदी ने कहा, “समुद्र की लहरों पर चमकते सूर्य की किरणें हमारे जवानों द्वारा जलाए गए दीयों की तरह हैं। यह दृश्य शब्दों में बयान करना मुश्किल है।” उन्होंने कहा कि नौसेना के साहस और समर्पण ने इस दिवाली को और भी पवित्र बना दिया है।
विक्रांत वीरता और परिश्रम का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने कहा कि INS विक्रांत सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि यह भारत के परिश्रम, प्रतिभा और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “जिसका नाम ही दुश्मन की हिम्मत तोड़ दे, वह है विक्रांत।” पीएम मोदी ने सेना के तीनों अंगों को सैल्यूट करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” का भी उल्लेख किया और कहा कि इस अभियान में सेना के समन्वय ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि विक्रांत जैसी ताकतें 21वीं सदी के आत्मनिर्भर भारत की पहचान हैं।
यह भी देखेंःSpying for Israel: ईरान में जासूसी का आरोप साबित, इजरायल के लिए काम करने वाले व्यक्ति को फांसी
सेना का आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नक्सलवाद के खात्मे और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र पर भी बात की। उन्होंने कहा कि “10 साल पहले देश के 125 जिले माओवादी आतंक से प्रभावित थे, अब यह संख्या घटकर सिर्फ 11 रह गई है।” पीएम मोदी ने कहा कि जब देश अपनी ताकत के बल पर लड़ने में सक्षम होता है, तब कोई दुश्मन सामने टिक नहीं सकता। उन्होंने कहा, “हमारी मिट्टी में जन्मे ये वीर जवान देश की आन-बान-शान के लिए खुद को खपा देते हैं। जैसे-जैसे हमारी सेनाएं और हमारे हथियार स्वदेशी होंगे, भारत की शक्ति और गौरव दोनों और बढ़ेंगे।”