Census Begins in UP: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2026 का पहला चरण 22 मई से शुरू होने जा रहा है, जो पूरी तरह डिजिटल होगा। यह भारत की 16वीं और आजादी के बाद 8वीं जनगणना है। पहले चरण में मकानों की गणना (हाउस लिस्टिंग) की जाएगी, जो 20 जून 2026 तक चलेगी। इस बार खास बात यह है कि लोगों को सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा, जिसके तहत वे 7 मई से 21 मई के बीच ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे और एक SE ID जनरेट होगा।
पहले चरण में घर-घर सर्वे
जनगणना के पहले चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकानों से जुड़ी जानकारी जुटाएंगे। इस दौरान कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और संपत्ति से जुड़े पहलू शामिल होंगे। यह पूरा डेटा मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।
डिजिटल प्रक्रिया और डेटा सुरक्षा
इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे डेटा कलेक्शन और विश्लेषण आसान होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना से जुड़ा सारा डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। इसका इस्तेमाल न तो टैक्स वसूली, न पुलिस कार्रवाई और न ही किसी कोर्ट केस में किया जाएगा। यह केवल सरकारी नीतियों और विकास योजनाओं के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
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राज्यभर में व्यापक तैयारी
जनगणना को सफल बनाने के लिए राज्य में बड़े स्तर पर तैयारी की गई है। करीब 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया गया है। पूरे राज्य के 75 जिलों, 783 शहरी निकायों और 350 तहसीलों में सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 3.9 लाख हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। आम लोगों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
दूसरे चरण में होगी जनसंख्या गणना
मुख्य जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा के अनुसार, पहला चरण केवल मकानों की गिनती तक सीमित रहेगा। इसमें व्यक्तियों से जुड़ी जानकारी शामिल नहीं होगी। जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी, जैसे धर्म, जाति, शिक्षा और अन्य व्यक्तिगत विवरण, दूसरे चरण में एकत्र किए जाएंगे। यह दूसरा चरण फरवरी 2027 में देशभर में एक साथ आयोजित किया जाएगा।