Swami Chaitanyananda Saraswati: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक निजी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े यौन शोषण मामले में स्वघोषित धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को आंशिक राहत जरूर मिली है, लेकिन फिलहाल उनकी जेल से रिहाई नहीं होगी। पटियाला हाउस कोर्ट ने दर्ज पांच मामलों में से एक में उन्हें जमानत दी है, जबकि अन्य गंभीर मामलों के चलते वह अभी न्यायिक हिरासत में रहेंगे। यह मामला सामने आने के बाद से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
एक मामले में मिली जमानत
अदालत ने फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट से जुड़े मामले में चैतन्यानंद को जमानत दी है। कोर्ट ने इस दौरान दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार्जशीट काफी लापरवाही से दाखिल की गई है। न्यायालय के अनुसार, पुलिस यह साबित नहीं कर पाई कि फर्जी नंबर प्लेट खुद आरोपी ने बनवाई या लगवाई थी, इसलिए इस केस में जमानत दी गई।
अन्य मामलों में अभी राहत नहीं
हालांकि, कॉलेज की छात्राओं से कथित छेड़छाड़ और यौन शोषण से जुड़े मामलों में चैतन्यानंद को अभी कोई राहत नहीं मिली है। इन्हीं गंभीर आरोपों के कारण वह फिलहाल जेल में ही रहेंगे। ये सभी मामले उसी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े हैं, जहां वह निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
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कुल पांच मुकदमे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ कुल पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें यौन शोषण के आरोप, फर्जी ट्रस्ट के जरिए आर्थिक अनियमितता और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल शामिल है। 17 छात्राओं की शिकायत के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।
जांच और सुनवाई जारी
कोर्ट ने साफ किया है कि शेष मामलों की सुनवाई अपने तय समय पर जारी रहेगी। पुलिस ने भी दावा किया है कि वह सभी मामलों में ठोस सबूत पेश करने की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े अन्य आरोपियों और घटनाक्रम पर भी अदालत का रुख सामने आ सकता है।