Aadhaar Authentication History : डिजिटल दौर में आधार कार्ड का इस्तेमाल बैंक खाता खुलवाने, सिम कार्ड लेने और कई सरकारी व निजी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए किया जाता है। ऐसे में आधार से जुड़ी जानकारी की सुरक्षा बेहद जरूरी हो जाती है। अगर आपको शक है कि आपकी जानकारी का इस्तेमाल आपकी अनुमति के बिना किया जा रहा है, तो आप खुद आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री के जरिए इसकी जांच कर सकते हैं।
ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री बताएगी आधार कहां इस्तेमाल हुआ
जब भी आधार का इस्तेमाल OTP, फिंगरप्रिंट या आईरिस के जरिए किसी सेवा में पहचान सत्यापित करने के लिए किया जाता है, तो उसका रिकॉर्ड UIDAI के सिस्टम में दर्ज होता है। इसी रिकॉर्ड को आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री कहा जाता है। इसमें यह जानकारी देखी जा सकती है कि आधार से जुड़ा ऑथेंटिकेशन कब और किस माध्यम से किया गया। इससे किसी अनजान गतिविधि का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
mAadhaar ऐप से ऐसे करें जांच
अपने आधार के इस्तेमाल की जानकारी देखने के लिए सबसे पहले आधिकारिक mAadhaar ऐप डाउनलोड करें। आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें। इसके बाद चार अंकों का PIN सेट करें। ऐप में My Aadhaar सेक्शन पर जाकर Security टैब खोलें और Aadhaar Authentication History विकल्प चुनें। यहां उपलब्ध रिकॉर्ड में अपनी जरूरत के मुताबिक तारीख या समय अवधि चुनकर ऑथेंटिकेशन की जानकारी देखी जा सकती है।
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अनजान एंट्री दिखे तो तुरंत उठाएं कदम
अगर हिस्ट्री में ऐसा कोई ऑथेंटिकेशन दिखाई देता है जिसे आपने खुद नहीं किया है, तो इसे नजरअंदाज न करें। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देने के लिए UIDAI की हेल्पलाइन 1947 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही आधार से जुड़े बायोमेट्रिक्स को लॉक करने का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे फिंगरप्रिंट और आईरिस आधारित ऑथेंटिकेशन को अनधिकृत तरीके से इस्तेमाल किए जाने का जोखिम कम हो सकता है।
मास्क्ड आधार का करें इस्तेमाल
आधार की सुरक्षा के लिए हर जगह इसकी सामान्य कॉपी देने से बचना भी जरूरी है। जहां पूरी जानकारी जरूरी न हो, वहां मास्क्ड आधार का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें आधार नंबर के शुरुआती अंक छिपे रहते हैं। किसी अनजान व्यक्ति या अनधिकृत दुकान पर आधार की कॉपी या डिजिटल जानकारी साझा न करें। जरूरत न होने पर बायोमेट्रिक लॉक रखने और समय-समय पर ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री जांचने से आधार से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है।