Nautapa Care Guide Kids And Seniors: देशभर में गर्मियों के सबसे गर्म 9 दिन यानी 'नौतपा' की शुरुआत हो चुकी है। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक चलेगा। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ने के कारण उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। तेज धूप, लू और डिहाइड्रेशन के कारण इस समय बीमार होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होती है।
बढ़ जाता है हीट स्ट्रोक का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नौतपा में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और हार्ट या डायबिटीज के मरीज इस मौसम में जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। शरीर का तापमान बढ़ने के कारण चक्कर, उल्टी, बुखार और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इस मौसम में खान-पान का खास ध्यान रखें।
बच्चों को क्यों है अधिक खतरा?
बच्चों को नौतपा में सबसे ज्यादा खतरा रहता है। क्योंकि बच्चों की इम्यूनिटी बड़ों के मुकाबले कमजोर होती है। साथ ही धूप में ज्यादा देर खेलने और भाग-दौड़ करने की वजह से उनके शरीर से पानी तेजी से कम होता है। इससे बच्चों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बहुत बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर बच्चों को ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी और नारियल पानी जैसी चीजें पिलाते रहें। साथ ही दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बच्चों को बाहर खेलने न भेजें। उन्हें हल्के और सूती कपड़े पहनाएं।
बुजुर्गों के लिए क्यों खतरनाक है नौतपा?
बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों के लिए नौतपा काफी मुश्किल भरा होता है। क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ इंसानी शरीर की गर्मी सहन करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। बुजुर्गों के शरीर में पानी की कमी बहुत जल्दी होती है, जिससे वे आसानी से हीट स्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं। इसके लिए बुजुर्गों को जितना हो सके ठंडे और हवादार कमरों में रखें। उन्हें बार-बार पानी पीने की सलाह दें ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
नौतपा में क्या करें
इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. डाइट में तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों को शामिल करें। खाली पेट तेज धूप में बाहर न निकलें और अगर बाहर निकलना जरूरी हो, तो सिर पर टोपी, छाता या सूती कपड़ा जरूर रखें। यदि किसी को तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी होना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस मौसम में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।