
China shaken by Pakistan: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार देर रात पाकिस्तान की ओर से की गई एयरस्ट्राइक के बाद हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी विमानों ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाते हुए काबुल और पक्तिका प्रांत के बरमल इलाके में बमबारी की। इस हमले के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत यात्रा पर हैं, जिससे पाकिस्तान की नाराज़गी खुलकर सामने आ गई है।
चीन ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट
पाकिस्तान के इस कदम से अब चीन भी चिंतित हो गया है। चीन की खुफिया एजेंसी ‘मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (MSS)’ ने पाकिस्तान में अपने नागरिकों और राजनयिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी में कहा गया है कि देश में मौजूद चीनी नागरिकों, दूतावासों और CPEC (चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर आतंकी हमलों की संभावना बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, MSS ने इस्लामाबाद और कराची स्थित दूतावासों को ‘अत्यधिक सतर्कता’ बरतने, कर्मचारियों की आवाजाही सीमित करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि यह अलर्ट विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें TTP और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठनों की साजिशों की जानकारी मिली है।
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पाकिस्तान पर घटता चीन का भरोसा
सुरक्षा अलर्ट के बाद से ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों में हलचल मच गई है। भारतीय खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह कदम चीन के पाकिस्तान पर घटते भरोसे का संकेत है। हाल के वर्षों में पाकिस्तान में चीनी नागरिकों और इंजीनियरों पर कई आतंकी हमले हो चुके हैं, जिनमें कई की जान भी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बीजिंग अब इस्लामाबाद की सुरक्षा क्षमताओं पर भरोसा नहीं कर पा रहा है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से अफगानिस्तान-पाक संबंधों में नई खाई पैदा हो गई है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया बयान—“अब बहुत हो गया”—के बाद हुए इस हमले ने दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।