
जम्मू-कश्मीर में मौसम ने फिर कहर बरपाया है. मंगलवार 26 अगस्त को डोडा जिले में तेज बारिश और बादल फटने से भारी तबाही हुई. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 घर क्षतिग्रस्त हो गए. डोडा के जिला उपायुक्त हरविंदर सिंह ने इसकी पुष्टि की. प्रभावित इलाके सड़क मार्ग से ठीक से जुड़े नहीं हैं और वहां तक पहुंचने के लिए पैदल 40–50 मिनट का सफर करना पड़ता है, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है. स्थानीय प्रशासन और बचाव दल रात-दिन राहत कार्य में जुटे हैं.
यातायात पूरी तरह ठप
तीव्र बारिश और भूस्खलन के कारण एनएच-244 (डोडा–किश्तवाड़) मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है. सड़क का एक हिस्सा बह जाने की वजह से एडवाइजरी जारी की गई है कि लोग सड़क मार्ग से यात्रा करने से बचें. चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. डोडा जिले में चारवा और मरम्मत क्षेत्रों में बादल फटने से तीन फुटब्रिज भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
परीक्षा की गईं स्थगित
जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (JKBOSE) ने डोडा और आसपास के इलाकों में कक्षा 10वीं और 11वीं की परीक्षाएं 27 अगस्त को स्थगित कर दी हैं. नई तारीख की जानकारी बाद में दी जाएगी.वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हालात की गंभीरता को देखते हुए समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा कि जम्मू के कई हिस्सों में स्थिति बहुत गंभीर है. उन्होंने श्रीनगर से जम्मू के लिए अगली फ्लाइट पकड़कर व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा लेने का ऐलान किया. इसके साथ ही उपायुक्तों को आपातकालीन बहाली और राहत कार्य के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी हालात लेकर बनाए हैं नज़र
केंद्रीय मंत्री और उधमपुर से बीजेपी सांसद जितेंद्र सिंह ने भी डोडा के जिला उपायुक्त से बातचीत की. उन्होंने बताया कि भलेसा के चारवा इलाके में अचानक बाढ़ आई थी, लेकिन अभी तक किसी हताहत होने की सूचना नहीं है. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और अपडेट्स साझा कर रहा है.
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माता वैष्णो देवी की यात्रा रोकी गई
भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी की यात्रा भी रोक दी गई है. मौसम विभाग ने जम्मू क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने निवासियों और पर्यटकों से नदी किनारे और बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है.
बता दें कि सुबह 08:30 बजे से दोपहर 01:00 बजे के बीच जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई. सांबा में 136 मिमी, बुर्मल (कठुआ) में 97.5 मिमी, जम्मू में 93 मिमी, भद्रवाह (डोडा) में 92 मिमी और रियासी में 84 मिमी बारिश हुई. अगले 40 घंटों में जम्मू संभाग में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है. यह कोई पहला हादसा नहीं है. 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चशोती में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी. उस हादसे में कई घर बह गए और कम से कम 65 लोगों की जान गई थी. इस घटना से क्षेत्र में आपदा प्रबंधन की जरूरत और भी बढ़ गई है. डोडा में इस बार हुई तबाही ने स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार और राहत दलों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य तेजी से चल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि आपात स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि लोगों को तत्काल सहायता मिल सके. इस प्रकार डोडा में बादल फटने की घटना ने जम्मू-कश्मीर में मौसम की गंभीरता को फिर साबित कर दिया है. स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर राहत और बचाव कार्य कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश और मुश्किल भौगोलिक स्थिति इसे चुनौतीपूर्ण बना रही है.