CM Rekha Gupta Attacks: महिला आरक्षण विधेयक पास न होने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “बेटियों के हारने पर लोकतंत्र की जीत कैसे हो सकती है?” और आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के साथ न्याय नहीं किया। इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
विरोधी होने के आरोप
रेखा गुप्ता ने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी महिलाओं को उनका पूरा अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग महिलाओं के हक की बात करते थे, वही इस अहम मौके पर पीछे हट गए। उनके मुताबिक, विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने देने की रणनीति पहले से बना रखी थी।
महिला आरक्षण मुद्दा
सीएम ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पिछले तीन दशकों से संसद में आता रहा, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से अटक जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी इसे फाड़ा गया, कभी टाला गया और इस बार भी पास नहीं होने दिया गया, जिससे महिलाओं को निराशा हुई है।
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पुरुषों की सहमति पर उठाए सवाल
रेखा गुप्ता ने यह भी सवाल उठाया कि संसद की 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं को देने के लिए पुरुषों की सहमति क्यों जरूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसमें किसी का हक नहीं छीना जा रहा।
विपक्ष को बताया एंटी-रिफॉर्म
सीएम गुप्ता ने विपक्ष को ‘ऑल इंडिया एंटी रिफॉर्म पार्टी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जीएसटी, तीन तलाक और अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों का भी विरोध किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं और आगे भी यह प्रयास जारी रहेंगे।