UP Madarsa Teacher News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत काम करने वाले 22,000 शिक्षकों के लिए एक बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। पिछले 2 वर्षों से मानदेय की समस्या और बेरोजगारी झेल रहे इन शिक्षकों के लिए सरकार अब 'समायोजन' का रास्ता तैयार कर रही है। बता दें, ये वे शिक्षक हैं जिनकी नौकरी मदरसा आधुनिकीकरण योजना के बंद होने के बाद करीब 26 महीने पहले चली गई थी। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि शिक्षा के स्तर को सुधारने में इन शिक्षकों के योगदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा
22 हजार शिक्षक बेरोजगार हो गए
मदरसा आधुनिकीकरण योजना केंद्र सरकार ने वर्ष 1993-94 से शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित व सामाजिक अध्ययन विषय जैसे विषयों को बढ़ावा देना था। इसके लिए यूपी में लगभग 22 हजार एडहॉक शिक्षक नियुक्त थे। हालांकि केंद्र सरकार की फंडिंग बंद कर दिए जाने के बाद 2023-24 में यह योजना बंद हो गई, जिसके चलते ये 22 हजार शिक्षक बेरोजगार हो गए और 2 साल से अधिक समय से इन्हें वेतन नहीं मिला।
शिक्षकों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा
वहीं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश अंसारी ने बताया कि एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इन शिक्षकों को मदरसा शिक्षा प्रणाली के भीतर ही समायोजित करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि शिक्षा क्षेत्र में योगदान दे रहे इन शिक्षकों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा।
शिक्षकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर
टीचर्स मदारिस अरबिया एसोसिएशन के महासचिव दीवान साहब जमां ने कहा कि यदि समायोजन योजना लागू होती है तो यह शिक्षकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। लंबे समय से मानदेय की मांग कर रहे शिक्षकों के लिए यह एक नई उम्मीद की किरण है।