Neet UG Paper Leak 2026: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र का लातूर और राजस्थान का सीकर मुख्य केंद्र बना हुआ है। देश के टॉप-50 परीक्षा केंद्रों में से अकेले 37 सेंटर सीकर के हैं और 9 सेंटर लातूर के हैं। यही वजह है कि अब जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान इन दोनों शहरों पर टिक गया है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
सीकर और लातूर के 2024 के आंकड़े
वहीं अगर आंकड़ों की बात करें तो 2024 में सीकर से 27,216 छात्र NEET-UG में शामिल हुए थे। जिनमें से 149 छात्र को 700 से ज्यादा नंबर मिले थे और 2,037 छात्र को 650 से ज्यादा नंबर आया था। वहीं 4,729 छात्रों का 600 से ज्यादा नंबर आया था। लातूर की बात करें, तो 2024 में 24,611 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 3,534 छात्रों ने 500 से ज्यादा नंबर हासिल किए थे।
लातूर से सीकर तक फैला नेटवर्क
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम अब इन दोनों बड़े कोचिंग हब्स पर अपना फोकस कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पेपर लीक का यह नेटवर्क यहाँ से शुरू होकर दूसरे राज्यों तक भी फैला था। लातूर में कार्रवाई के बाद अब सीकर में भी कुछ पुराने लिंक खंगाले जा रहे हैं।
सीकर के जरिए पूरे देश में फैला गया
जांच में सामने आया था कि सीकर लिंक के जरिए ही NEET-UG का पेपर देश के अन्य हिस्सों में भेजा गया था। दावा तो यहां तक है कि पिछले साल 2025 में भी इसी बीवाल परिवार के 5 लड़कों ने लीक पेपर के दम पर एग्जाम पास किया और सरकारी कॉलेज में एडमिशन हासिल किया। सूत्रों के मुताबिक, पहले भी पेपर लीक होकर सीकर आते रहे हैं।
देश भर से 10 आरोपी को किया गया गिरफ्तार
आपको बता दें कि नीट पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 9 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था और पुलिस हिरासत में लिया गया था, जिनसे लगातार पूछताछ चल रही है। इसके अलावा पुलिस ने उन बिचौलियों को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने उन छात्रों को जुटाने में भूमिका निभाई थी, जिन्होंने विशेष कोचिंग कक्षाओं में शामिल होने के लिए लाखों रुपये का भुगतान किया था।