Cockroach Janata Party: सोशल मीडिया पर चर्चा में रही कॉकरोच जनता पार्टी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस संबंध में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ CBI जांच कराने और FIR दर्ज करने की मांग की गई है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सोशल मीडिया पर CJP को लेकर बहस और प्रतिक्रियाएं लगातार तेज हो रही हैं।
फर्जी डिग्री और पहचान के गलत इस्तेमाल के आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि CJP से जुड़े कुछ लोगों ने फर्जी लॉ डिग्री और किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल किया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की संस्थागत पहचान के कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि खुद को कानूनी विशेषज्ञ या वकील बताकर लोगों को गुमराह किया गया, जिससे न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हुई।
सोशल मीडिया अकाउंट पर हुई कार्रवाई
विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर ‘X’ प्लेटफॉर्म पर CJP का आधिकारिक अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने संगठन पर भड़काऊ सामग्री फैलाने और देश की संप्रभुता को प्रभावित करने वाले पोस्ट साझा करने के आरोप लगाए थे।
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क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंग्य और मीम आधारित डिजिटल अभियान बताया जा रहा है, जिसकी शुरुआत बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत दिपके ने की थी। यह समूह खासकर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ और सोशल मीडिया पर इसके लाखों फॉलोअर्स बन गए। अकाउंट बंद होने के बाद संगठन से जुड़े लोगों ने नए हैंडल के जरिए अपनी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश की।
संस्थापक ने लगाए अकाउंट हैक होने के आरोप
संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि उनके कई सोशल मीडिया अकाउंट हटाए या हैक कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का आधिकारिक इंस्टाग्राम और ‘X’ अकाउंट अब उनके नियंत्रण में नहीं है। दिपके ने यह भी कहा कि वेबसाइट बंद होने के बाद अब संगठन की ओर से जारी किसी भी पोस्ट को आधिकारिक बयान नहीं माना जाना चाहिए।