उत्तर प्रदेश की राजनीति में कभी कभी एक लाइन पूरा खेल पलट देती है और आज विधानसभा में ठीक ऐसा ही हुआ। कोडीन कफ सिरप पर चर्चा चल रही थी लेकिन बहस अचानक सियासी टकराव में बदल गई। जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलने के लिए खड़े हुए सदन का माहौल गरमा गया। दो नमूनों वाली बात दिल्ली लखनऊ का जिक्र और बबुआ लंदन जाने वाला तंज इतना तीखा था कि विपक्ष की बेंचों पर बेचैनी साफ दिखने लगी। यह बहस सिर्फ सवाल जवाब तक सीमित नहीं रही बल्कि पूरे यूपी की सियासत का केंद्र बन गई।
कफ सिरप पर जवाब और तंज का वार
समाजवादी पार्टी ने कोडीन कफ सिरप के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन में प्रदर्शन किया। सवाल उठे आरोप लगे और जवाब देने के लिए योगी ने मोर्चा संभाला। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में कफ सिरप से कोई मौत नहीं हुई है और जो मामले सामने आए हैं वे राज्य के बाहर के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई की गई है और सरकार इस लड़ाई को जीत चुकी है। लेकिन इसी जवाब के बीच आया तंज जिसने पूरी बहस का रुख बदल दिया। बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि जब देश में चर्चा होती है तो कुछ लोग विदेश चले जाते हैं। इसके बाद सदन में शोर बढ़ गया और माहौल पूरी तरह बदल गया।
अखिलेश का पोस्ट और सोशल मीडिया संग्राम
योगी के बयान के बाद अखिलेश यादव ने देर नहीं लगाई और सोशल मीडिया पर पलटवार कर दिया। विधानसभा की बहस एक्स पोस्ट में बदल गई। अखिलेश ने इसे आत्म स्वीकृति बताया और लिखा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को मर्यादा और लोक लाज का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने दिल्ली लखनऊ की लड़ाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी को उम्मीद नहीं थी कि बात यहां तक पहुंचेगी। यह पोस्ट कुछ ही मिनटों में वायरल हो गया। समर्थकों ने इसे सधा हुआ जवाब बताया तो विरोधियों ने इसे राजनीतिक बेचैनी कहा। सोशल मीडिया पर योगी बनाम अखिलेश ट्रेंड करने लगा और कफ सिरप का मुद्दा डिजिटल जंग में बदल गया।
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सड़क से सदन तक बढ़ता सियासी तापमान
सदन के बाहर भी माहौल शांत नहीं रहा। सपा विधायकों ने प्रदर्शन किया तख्तियां उठाईं और सरकार पर आरोप लगाए। विपक्ष का कहना था कि सरकार सवालों से बच रही है जबकि सरकार का दावा था कि कार्रवाई जारी है और किसी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। योगी ने साफ कहा कि समय आने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखा दिया कि यूपी की राजनीति अब सिर्फ विधानसभा तक सीमित नहीं है। कफ सिरप से शुरू हुई बहस नमूनों बबुआ और लंदन तक पहुंच गई। आने वाले दिनों में यह टकराव और कितना तेज होगा यह अब सियासी नजरों का बड़ा सवाल बन गया है।