Coempt Edu Teck Clarification: CBSE की 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल जांच OSM यानि ऑन स्क्रीन मार्किंग करने वाली कंपनी कोएम्प्ट एडुटेक (Coempt Edu Teck) ने करीब एक महीने बाद सफाई दी है। कंपनी ने साफ किया है कि उनके स्कैनिंग सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से एक 'मानवीय चूक' की गलती का मामला था। कंपनी ने ये भी कहा कि जो छात्र को दूसरे की कॉपी मिली वो गलती भी सिस्टम या AI के वजह से नहीं बल्कि इंसान की गलती से ये हुआ।
100% सिस्टम में कोई खराबी नहीं
कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि जिस जगह पर यह लापरवाही हुई, उस सेंटर और स्कैनिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली गई है। । जांच में 100% साफ हुआ है कि सिस्टम में कोई खराबी नहीं थी, बल्कि यह स्कैन करने वाले व्यक्ति और संस्थान की लापरवाही की वजह से हुआ।
ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा से शानदार रहा
कंपनी का कहना है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग, स्कैनिंग और डेटा सुरक्षा को लेकर उनका ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा से शानदार रहा है। कंपनी ने छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि उनका पूरा ऑपरेशन और सिक्योरिटी सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित और मानकों के अनुरूप है।
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करोड़ों कॉपियों की करते हैं जांच
कोएम्प्ट ने बताया कि वे परीक्षा समाधान के क्षेत्र में पिछले 2 दशकों (20 साल) से अधिक समय से काम कर रहे हैं। कंपनी वर्तमान में देश के 35 से अधिक बड़े विश्वविद्यालयों और संस्थानों को अपनी सेवाएं दे रही है। वे हर साल लगभग 2 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटलीकरण, ऑनलाइन मूल्यांकन और प्रश्न-पत्र प्रबंधन करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि हाल ही में सीबीएसई 12वीं के मूल्यांकन में एक बड़ी लापरवाही सामने आई थी, जहां एक छात्र को किसी दूसरे छात्र की उत्तर पुस्तिका मिल गई थी। इसके बाद से ही डिजिटल चेकिंग और स्कैनिंग करने वाले सिस्टम पर सवाल उठ रहे थे। विवाद के लगभग एक महीने बाद कंपनी ने सफाई दी है।