
Cold increase November: देश में अब मौसम बदलने लगा है और नवंबर के साथ ठंड की दस्तक तेज होती दिख रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस महीने उत्तर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। वहीं, देश के दक्षिण और उत्तर-पूर्वी इलाकों में कुछ स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि इस समय प्रशांत महासागर में ‘ला नीना’ की स्थिति बनी हुई है, जो दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक असर दिखा सकती है। इसका असर भारत के तापमान और वर्षा दोनों पर पड़ेगा।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में मौसम में बदलाव
राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से बादल और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने ठंड का असर बढ़ा दिया है। कोटा और उदयपुर संभाग में लगातार बूंदाबांदी से दिन का तापमान गिरा है, हालांकि 5 नवंबर के बाद पश्चिमी राजस्थान में मौसम साफ होने की संभावना है। वहीं, मध्य प्रदेश में इस महीने तीन अलग-अलग वेदर सिस्टम सक्रिय रहेंगे, जिनके प्रभाव से बारिश के आसार बन सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर का महीना मानसून के विदा होने और सर्दी की शुरुआत के बीच का संक्रमण काल होता है, इसलिए तापमान और बारिश दोनों में उतार-चढ़ाव रहेगा।
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कड़ाके की ठंड के आसार
IMD का अनुमान है कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में इस महीने से ठंड का असर तेज हो जाएगा। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सुबह और रात के समय घना कोहरा पड़ सकता है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे मैदानों में सर्द हवाएं चलने लगेंगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर और बढ़ेगा तथा दिसंबर की शुरुआत तक यह अपने चरम पर पहुंच सकती है।