Colombo Test Injuries : भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया कोलंबो टेस्ट भले ही ड्रॉ रहा हो, लेकिन पांच दिनों की कड़ी जंग खिलाड़ियों के शरीर पर साफ दिखाई दी। टीम इंडिया सीरीज 1-0 से जीतने में सफल रही, लेकिन इस मुकाबले ने खिलाड़ियों की फिटनेस, धैर्य और मेहनत की असली परीक्षा ले ली। मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर अपनी हालत दिखाते हुए बताया कि मैदान पर बिताए गए पांच दिन कितने चुनौतीपूर्ण रहे।
देवदत्त पडिक्कल को मिला ‘जर्सी टैटू’
सीरीज के सबसे बड़े सितारों में शामिल रहे देवदत्त पडिक्कल ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने गॉल टेस्ट में बड़ी पारी खेलने के बाद कोलंबो में भी शतक जड़ा और प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। लेकिन इस शानदार प्रदर्शन की एक अलग तस्वीर भी सामने आई। श्रीलंका की तेज धूप ने उनकी पीठ पर ऐसा निशान छोड़ दिया कि उनकी जर्सी पर लिखा नाम ‘DEV’ और नंबर 37 शरीर पर उभरता दिखाई दिया। पडिक्कल ने इसे मजाकिया अंदाज में ‘धूप का टैटू’ बताया और कहा कि यह सीरीज उनके लिए यादगार अनुभव रही।
ऋषभ पंत ने दिखाई चोट की तस्वीर
कोलंबो टेस्ट ऋषभ पंत के लिए भी आसान नहीं रहा। मैच के शुरुआती दिन ही गेंद लगने के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने वापसी की और टीम के लिए महत्वपूर्ण रन बनाए। बाद में बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के दौरान उनके कंधे पर कई बार गेंद लगी। मैच खत्म होने के बाद पंत ने अपने कंधे की तस्वीर साझा की, जिसमें सूजन और नीले निशान साफ नजर आए। यह तस्वीर बताने के लिए काफी थी कि विकेट के पीछे और बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने कितनी शारीरिक चुनौती झेली।
पांच दिन की मेहनत, लेकिन जीत नहीं मिली
भारत ने इस मुकाबले में जीत के लिए पूरा जोर लगाया था। पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाया और श्रीलंका को फॉलोऑन भी दिया। इसके बावजूद मेजबान टीम ने शानदार वापसी की। खासकर सोनल दिनुषा की लंबी पारी और निचले क्रम के बल्लेबाजों के संघर्ष ने भारत को जीत से दूर कर दिया। नतीजा यह रहा कि मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ और टीम इंडिया क्लीन स्वीप का मौका गंवा बैठी।
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सीरीज जीत के साथ मिली नई सीख
हालांकि क्लीन स्वीप नहीं हो सका, लेकिन भारतीय टीम ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की। खिलाड़ियों की तस्वीरों ने यह भी दिखाया कि मैदान पर सफलता केवल आंकड़ों से नहीं मिलती, बल्कि उसके पीछे दर्द, चोट, धूप और लगातार मेहनत की बड़ी कहानी छिपी होती है। कोलंबो टेस्ट खत्म होने के बाद खिलाड़ियों के शरीर पर दिखे निशान इसी संघर्ष और समर्पण की गवाही दे रहे हैं।