IIT Delhi: MSc Physics के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत को लेकर हुए छात्रों के जबरदस्त प्रदर्शन के बाद आईआईटी दिल्ली ने मामले की बाहरी जांच कराने का फैसला किया है। संस्थान के निदेशक प्रो. रंजन बनर्जी ने जांच समिति बनाने का फैसला किया है साथ ही मृतक छात्र के परिवार को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए नई व्यवस्था बनाने की भी बात कही है। जांच समिति छात्र ऋषिकेश की मौत से जुड़े हर पहलू की जांच करेगी और दो हफ्तों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस समिति में पूर्वी डीजीपी अशोक कुमार, AIIMS दिल्ली के प्रो. प्रताप शर्मा, छात्र प्रतिनिधि और आईआईटी दिल्ली के रजिस्ट्रार शामिल होंगे।
कब से शुरू हुआ मामला?
निदेशक रंजन बनर्जी ने बताया कि, ऋषिकेश ने जुलाई 2025 में आईआईटी दिल्ली में दाखिला लिया था वह शिमलिक हॉस्टल में रहता था। MSc Physics कोर्स के पहले सेमेस्टर में उसका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। इसका बाद मार्च 2026 में उसे मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानी सामने आई। इसके बाद उन्हें काउंसलर और मनोचिकित्सक ने परिजनों की निगरानी में रहने की सलाह दी थी। इसके बाद संस्थान की अनुमति से ऋषिकेश ने दूसरे सेमेस्टर से अपना नाम वापस लिया और अपने परिजनों के साथ रहने के लिए चले गए।
जुलाई वापस लौटा ऋषिकेश
इसी साल जुलाई में ऋषिकेश फिर कैंपस लौट आया। संस्थान के मुताबिक, उसके मेडिकल रिकॉर्ड की जांच के बाद उसे फिर परिजनों की निगरानी में रहने की सलाह दी गई। इसके बाद तीसरे सेमेस्टर से नाम वापस लेने की परमिशन भी फिजिक्स डिपार्टमेंट ने मंजूर कर ली। आईआईटी दिल्ली ने ऋषिकेश के इलाज में हुए मेडिकल खर्च की भरपाई की भी घोषणा की है।
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कौन-कौन सी हुईं घोषणाएं
संस्थान ने परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात कही है। इसके अलावा परिवार की मदद के लिए एक नया स्वैच्छिक फंड भी शुरू करने की बात कही है। छात्रों की लंबे समय से चल रही शिकायतों के हल के लिए संस्थान ने Ombudsperson नाम का नया पद बनाने का भी फैसला किया है। छात्रों के प्रदर्शन के एक दिन बाद ये सभी घोषणाएं संस्थान के द्वारा की गई हैं। छात्रों ने ऋषिकेश की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है छात्रों की प्रमुख मांग
छात्रों ने डीन ऑफ स्ट्यूडेंट अफेयर्स, एसोसिएट डीन्स और फिजिक्स एचओडी के इस्तीफे की मांग की थी। छात्रों की इस प्रमुख मांग का फिसहाल संस्थान ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर है, जिसमें ऋिषिकेश की मौत से जु़ड़े हर पहलू के सामने आने की उम्मीद है।