Bombay High Court: देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की कमी की शिकायतों के बीच मामला अब बॉम्बे हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और एक निजी कंपनी को नोटिस जारी किया है। याचिका छह एलपीजी वितरकों की ओर से दायर की गई है, जिनका कहना है कि घरेलू उपयोग के लिए गैस की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही है।
गैस की कमी पर अदालत की सख्ती
हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इन सभी पक्षों से सोमवार तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस संबंध में जारी नीतियों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
याचिका में लगाए गए आरोप
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नागपुर स्थित कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ाने में सफल नहीं रही है। वितरकों का दावा है कि वे इसी कंपनी से गैस खरीदकर नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य जिलों में उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं। पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण कई जगहों पर गैस की कमी की स्थिति बन रही है।
सप्लाई पर असर
याचिका में यह भी बताया गया है कि ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर एलपीजी के उत्पादन पर भी पड़ा है। इसी को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए थे, ताकि आम लोगों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
जिम्मेदार विभाग
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय देश में एलपीजी सहित पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़ी नीतियां तय करता है और आवश्यक निर्देश जारी करता है। वहीं, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड व्यापार से संबंधित नियमों, निर्यात पर प्रतिबंध और अन्य आवश्यक दिशानिर्देशों को लागू करने का काम करता है। अब अदालत में दाखिल जवाब के बाद ही इस पूरे मामले की अगली दिशा तय होगी।