
Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर विवादों में है। कांग्रेस विधायक अफाक आलम ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टिकट पैसे लेकर बेचे जा रहे हैं। उन्होंने इस दावे के समर्थन में एक ऑडियो टेप भी जारी किया है, जिसमें उनकी बातचीत कथित तौर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम से हो रही है। बातचीत में यह दावा किया गया है कि पप्पू यादव ने पैसा लेकर इरफान को टिकट दिलवाया। नाराज आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनके साथ “ब्लैकमेलिंग” हुई है और पार्टी के भीतर टिकटों की खुली बोली लगाई जा रही है।
लोकतंत्र का मजाक बन गया है टिकट वितरण
अफाक आलम, जो पूर्णिया की कस्बा सीट से चार बार विधायक और बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं, इस बार टिकट से वंचित कर दिए गए। उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र का हनन है। पार्टी में दलाल सक्रिय हैं, जो पैसा लेकर टिकट तय कर रहे हैं। मेरे साथ ब्लैकमेल हुआ, पैसा उगाही कर इरफान को टिकट दिया गया।” आलम ने अपने समर्थकों से अपील की कि ऐसे लोगों को सबक सिखाएं ताकि आने वाली पीढ़ियां इस भ्रष्टाचार से सबक लें। उनका यह बयान बिहार कांग्रेस में पहले से चल रहे असंतोष को और बढ़ा सकता है।
यह भी देखेंःMP में सरकारी भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, MPPSC साल में करेगा 5 एग्जाम, ESB लेगा एक ही पात्रता परीक्षा
पार्टी बंधक बन गई
अफाक आलम से पहले भी कई कांग्रेस नेताओं ने टिकट बंटवारे में पक्षपात और मनमानी के आरोप लगाए थे। रिसर्च सेल के अध्यक्ष आनंद माधव, पूर्व प्रत्याशी गजनंद शाही, छत्रपति तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि पार्टी की प्रदेश इकाई कुछ नेताओं के “निजी दलालों” के कब्जे में है। उनका कहना था कि जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर धनबल वाले चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे पार्टी अपनी विचारधारा से भटक रही है। लगातार उठते ये आरोप कांग्रेस के लिए चुनावी मोर्चे पर बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।