Congress MP Imran Masood: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। गुजरात के सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर भारत सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रधानमंत्री की आस्था अलग
इमरान मसूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धार्मिक आयोजनों में शामिल होना उनकी व्यक्तिगत आस्था का विषय है। हालांकि, देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति होने के नाते उन्हें आसपास के देशों में हो रहे अन्याय और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का संदर्भ
मसूद ने इंदिरा गांधी और शेख मुजीबुर रहमान के बीच 1971 में हुई संधि का जिक्र करते हुए कहा कि उस समझौते में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट प्रावधान थे। उन्होंने कहा कि भारत को उसी भावना के तहत बांग्लादेश सरकार से संवाद करना चाहिए और हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए पहल करनी चाहिए।
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राम मंदिर मामला
राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश से जुड़े सवाल पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह नासमझी भरा कदम है। उन्होंने कहा कि नमाज के लिए स्थान और अनुमति दोनों जरूरी होते हैं और ऐसे मामलों को तूल देने के बजाय समझदारी से देखा जाना चाहिए।
ईडी की कार्रवाई
मीडिया से बातचीत में मसूद ने पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील भी की।