Congresss offer to Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड और भाजपा के बीच मतभेदों को लेकर चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने नीतीश कुमार को महागठबंधन में लौटने का न्योता दिया है। 18 सितंबर 2026 को दिए एक बयान में सिंह ने दावा किया कि एनडीए में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की राजनीतिक पृष्ठभूमि समाजवादी विचारधारा से जुड़ी रही है और मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें महागठबंधन के साथ आना चाहिए। हालांकि, जेडीयू ने एनडीए से किसी बड़े मतभेद की अटकलों को खारिज किया है और कहा है कि यूसीसी पर पार्टी प्रस्तावित कानून का मसौदा मिलने के बाद अपना रुख तय करेगी।
नीतीश को लेकर कांग्रेस का दावा
अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि भाजपा की ओर से तय किए जा रहे राजनीतिक एजेंडे को लेकर नीतीश कुमार के असहज होने की संभावना है। उनके मुताबिक, नीतीश की विचारधारा समाजवाद से जुड़ी रही है और आने वाले समय में एनडीए के भीतर असहजता बढ़ सकती है। सिंह ने यह भी कहा कि जिस तरह की परिस्थितियां बन रही हैं, उनमें नीतीश कुमार को महागठबंधन के साथ आना चाहिए। ये कांग्रेस सांसद की राजनीतिक राय और दावा है, न कि नीतीश कुमार की ओर से गठबंधन बदलने की घोषणा।
यूसीसी और फरक्का मुद्दे पर चर्चा
बिहार में जेडीयू और भाजपा के बीच समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर अलग-अलग रुख सामने आने के बाद राजनीतिक बहस तेज हुई है। जेडीयू ने कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्ताव का मसौदा सामने आने के बाद ही वह उसके प्रावधानों का अध्ययन करके अपनी स्थिति तय करेगी। इसके अलावा फरक्का जल समझौते को लेकर भी जेडीयू की ओर से अपनी चिंताएं सामने रखी गई हैं। इन्हीं मुद्दों के बीच विपक्षी दल एनडीए के भीतर मतभेदों का दावा कर रहे हैं।
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आरजेडी भी दे चुका है न्योता
कांग्रेस से पहले आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र की ओर से भी नीतीश कुमार और जेडीयू को एनडीए छोड़कर महागठबंधन में लौटने का प्रस्ताव दिया गया था। आरजेडी की ओर से यूसीसी के मुद्दे को लेकर जेडीयू से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपील भी की गई है। इस तरह पिछले कुछ दिनों में विपक्षी दलों की ओर से नीतीश कुमार को लेकर सार्वजनिक रूप से गठबंधन बदलने के प्रस्ताव सामने आए हैं।
जेडीयू की बैठक पर भी नजर
इन राजनीतिक चर्चाओं के बीच जेडीयू ने 18 सितंबर को अपने सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए पटना में एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया। पार्टी ने इसे विधायी प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की भूमिका से जुड़ा ओरिएंटेशन कार्यक्रम बताया है। जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पहले ही कहा था कि बैठक के एजेंडे में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला नहीं है। ऐसे में कांग्रेस और आरजेडी के बयानों के बीच जेडीयू की ओर से आधिकारिक तौर पर एनडीए छोड़ने या महागठबंधन में जाने की घोषणा सामने नहीं आई है।