दुनिया की सबसे अस्थिर और हाई-रिस्क मानी जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी मार्केट ने पिछले 24 घंटों में निवेशकों को अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया है. भारी बिकवाली के चलते पूरा ग्लोबल मार्केट हिल गया और देखते ही देखते लाखों–करोड़ों रुपये डूब गए. कॉइनमार्केटकैप के मुताबिक गुरुवार सुबह 3.14 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप शुक्रवार तक गिरकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर रह गया. सिर्फ एक दिन में 6% से ज्यादा की गिरावट से निवेशकों के करीब 17 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. डर का माहौल इतना गहरा है कि फियर एंड ग्रीड इंडेक्स 11 पर आ गया जो बताता है कि मार्केट में जमकर Panic Selling चल रही है.
बिटकॉइन भी बड़े क्रैश से नहीं बच पाया
क्रिप्टो दुनिया का किंग कहे जाने वाला बिटकॉइन भी इस बड़े क्रैश से नहीं बच पाया. पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन 7% से ज्यादा गिर गया और 86,000 डॉलर के नीचे फिसलकर 85,750 डॉलर पर ट्रेड करता दिखा. सिर्फ एक दिन की गिरावट नहीं, पिछले सात दिनों में बिटकॉइन 13% से अधिक लुढ़क चुका है लगातार गिरता ट्रेंड यह साफ दिखा रहा है कि निवेशक रिस्क से बचने के लिए बड़ी मात्रा में अपने होल्डिंग बेच रहे हैं. मार्केट का ये मूड पिछली कई गिरावटों से ज्यादा आक्रामक माना जा रहा है.
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पिेछले 6 हफ्तों में दूसरा बड़ा क्रैश
बिटकॉइन के साथ-साथ एथेरियम, रिपल, सोलाना और कार्डानो जैसी दूसरी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी बुरी तरह लड़खड़ा गईं. एथेरियम 7.53% गिरकर 2799 डॉलर पर पहुंच गया. रिपल (XRP) 7% टूटकर 1.97 डॉलर पर आ गया. सोलाना 7.28% फिसलकर 132 डॉलर पर और कार्डानो लगभग 8% गिरकर 0.42 डॉलर पर ट्रेड करने लगा. टॉप 100 क्रिप्टो में एक भी कॉइन हरे निशान में नहीं रहा. कई टोकन 10–20% तक ढह गए, जिससे छोटे निवेशकों का भरोसा पूरी तरह टूटता दिखाई दिया. पिछले 6 हफ्तों में यह दूसरा बड़ा क्रैश है, जिसमें कुल मिलाकर 100 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैप मिट चुका है.
ब्याज दरों में कटौती ने बिगाड़े हालात
इस भारी गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर जिम्मेदार माने जा रहे हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों का जोखिम उठाने का मूड कमजोर पड़ गया है. इसके अलावा वैश्विक वित्तीय स्थिति कड़ी होने, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती में देरी की आशंका ने हालात को और बिगाड़ दिया. मैक्रोइकोनॉमिक प्रेशर का सबसे बड़ा नुकसान उन एसेट्स को होता है जिनमें उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा होता है और यही वजह है कि क्रिप्टो मार्केट सबसे ज्यादा चोट खा रहा है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव जारी रहेगा और निवेशकों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है.