केंद्रीय बजट 2026 में आम लोगों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई है। अब विदेश से सामान मंगवाना पहले के मुकाबले सस्ता हो जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए आयात होने वाले सामानों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी घटाने का प्रस्ताव रखा है। अभी तक यह ड्यूटी 20 प्रतिशत थी, जिसे घटाकर 10 प्रतिशत करने की बात कही गई है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को होगा, जो विदेश से अपने इस्तेमाल के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े या अन्य सामान मंगवाते हैं।
कस्टम ड्यूटी कम होने से क्या बदलेगा
सरकार का मकसद कस्टम ड्यूटी की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब तक ज्यादा ड्यूटी की वजह से कई बार विदेश से सामान मंगवाना महंगा पड़ता था। ड्यूटी कम होने से आयात सस्ता होगा और लोगों की जेब पर कम बोझ पड़ेगा। खास बात यह है कि यह राहत रोजमर्रा के कई आयातित सामानों पर लागू होगी, हालांकि सोना और चांदी को इससे बाहर रखा गया है।
कस्टम ड्यूटी लगती कैसे है
कस्टम ड्यूटी की गणना सुनने में जटिल लगती है, लेकिन इसे आसान भाषा में समझा जा सकता है। सबसे पहले सामान की ‘असेसिबल वैल्यू’ तय होती है, जिसमें सामान की कीमत, बीमा और भाड़ा जोड़ा जाता है। इसके बाद उस सामान के HSN कोड के आधार पर बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती है। फिर इसी कुल रकम पर IGST और सोशल वेलफेयर सरचार्ज जोड़ा जाता है। यही वजह है कि पहले ड्यूटी और टैक्स का बोझ काफी ज्यादा हो जाता था।
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पुरानी दरों में कितना खर्च आता था
मान लीजिए आप विदेश से 40,000 रुपये का एक एयर कंडीशनर मंगवाते हैं। पुरानी व्यवस्था में इस पर 20 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती थी, यानी 8,000 रुपये। इसके बाद IGST और सरचार्ज जोड़ने पर कुल टैक्स करीब 27,584 रुपये तक पहुंच जाता था। यानी 40,000 के सामान पर लगभग उतना ही अतिरिक्त पैसा टैक्स में देना पड़ता था, जो लोगों के लिए बड़ा नुकसान था।
नई दरों से कैसे होगी बचत
अब नई प्रस्तावित व्यवस्था में बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत रह जाएगी। यानी उसी 40,000 रुपये के एयर कंडीशनर पर ड्यूटी सिर्फ 4,000 रुपये लगेगी। IGST और सरचार्ज जोड़ने के बाद कुल टैक्स करीब 21,952 रुपये आएगा। इसका मतलब है कि एक ही सामान पर करीब 5,600 रुपये की सीधी बचत होगी। यही बचत अलग-अलग सामानों पर और ज्यादा हो सकती है।
खरीदार को राहत, खर्च होगा कम
कस्टम ड्यूटी घटने से विदेश से सामान मंगवाने वालों को साफ फायदा होगा। ऑनलाइन इंटरनेशनल शॉपिंग करने वालों, स्टूडेंट्स और छोटे कारोबारियों के लिए यह राहत भरी खबर है। हालांकि ध्यान रखना जरूरी है कि यह नियम हर सामान पर लागू नहीं होगा। फिर भी कुल मिलाकर बजट का यह फैसला आम लोगों के लिए खर्च घटाने वाला और जेब को राहत देने वाला साबित हो सकता है।