इनकम टैक्स सिस्टम में बड़े बदलावों के बाद अब सरकार कस्टम ड्यूटी सिस्टम को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने HTLS 2025 में कहा कि बजट 2026 से पहले उनका अगला बड़ा मिशन कस्टम्स विभाग का ओवरहॉल है। इसे उन्होंने अपना “नेक्स्ट बिग क्लीन-अप असाइनमेंट” बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सिस्टम जटिल है और अब समय आ गया है कि इसे आधुनिक, पारदर्शी और आसान बनाया जाए। इससे न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि आयात-निर्यात प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
कस्टम्स में क्यों जरूरी पड़ा बड़ा बदलाव?
वित्त मंत्री ने कहा कि कस्टम ड्यूटी सिस्टम में सुधार व्यापार सुगमता के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि मौजूदा मॉडल कई बार देरी और भ्रष्टाचार की वजह बनता है। उन्होंने संकेत दिया कि कस्टम्स में फेसलेस प्रोसेस, डिजिटल मॉनिटरिंग और नियमों को सरल बनाने की दिशा में जल्द बड़े फैसले दिखेंगे। आयकर विभाग में फेसलेस सिस्टम लागू होने के बाद जिस तरह टैक्स टेररिज़्म जैसी शिकायतें खत्म हुईं और प्रक्रिया सहज बनी, उसी मॉडल को अब कस्टम प्रशासन में लागू करने पर विचार हो रहा है। इससे लंबे समय से चल रही परेशानियों का अंत होगा।
ये भी पढ़ें : Repo Rate कम होते ही बाजार गुलजार, सोना-चांदी ने तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड, निवेशकों में उत्साह क्यों बढ़ा?
वित्त मंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
सीतारमण ने समिट में यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने कई बड़ी आर्थिक चुनौतियों को पार किया है। कोविड-19 के बाद टूटी हुई अर्थव्यवस्था को स्थिर करना, वैश्विक युद्धों से खाद्यान्न आपूर्ति पर पड़े असर से निपटना, सीमाई तनाव, चुनावी वर्ष में आवश्यक सरकारी खर्च का संतुलन बनाना ये सभी बड़े मोर्चे थे। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम को फिर से पटरी पर लाना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
आगे क्या? बजट 2026 से पहले बड़े ऐलान संभव
वित्त मंत्री के इस बयान ने बाजार और इंडस्ट्री दोनों में हलचल बढ़ा दी है। कस्टम्स विभाग में बड़े सुधारों के बाद आयात-निर्यात में तेजी आएगी, लागत घटेगी, कारोबार आसान होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह देश में व्यापारिक माहौल को और मजबूत करेगा। समिट के 23वें संस्करण में राजनीति, उद्योग और मनोरंजन जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इसी घोषणा की रही। अब निगाहें बजट 2026 पर टिक गई हैं, जहां सरकार इस दिशा में पहली बड़ी चाल चल सकती है।