राजकोट की जिस पिच पर भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना पाए, उसी पिच पर न्यूजीलैंड के डैरेल मिचेल ने ऐसी पारी खेली जिसने सबको चौंका दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, लेकिन जवाब में मिचेल ने धैर्य और आक्रामकता का ऐसा संतुलन दिखाया कि मुकाबला एकतरफा हो गया। उनकी नाबाद शतकीय पारी ने न्यूजीलैंड को ऐतिहासिक जीत दिला दी और भारतीय गेंदबाजी पूरी तरह बेअसर नजर आई।
भारतीय गेंदबाजों पर पूरी पकड़
डैरेल मिचेल ने इस मुकाबले में न सिर्फ तेज गेंदबाजों का डटकर सामना किया, बल्कि स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ भी जबरदस्त आत्मविश्वास दिखाया। खासतौर पर कुलदीप यादव जैसे अनुभवी गेंदबाज को उन्होंने आसानी से रन बटोरे। मिचेल की बल्लेबाजी में न घबराहट दिखी और न जल्दबाजी। उन्होंने विकेट पर टिककर खेला और सही मौके पर बड़े शॉट लगाए।
खुद खोला सफलता का राज
मैच के बाद डैरेल मिचेल ने अपनी सफलता का बड़ा राज बताया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर खास अभ्यास की व्यवस्था की है। मिचेल के मुताबिक, भारत जैसी पिचों पर खेलने के लिए उन्होंने न्यूजीलैंड में ही अलग तरह की पिचों पर कड़ी मेहनत की है, ताकि यहां के हालातों में खुद को ढाल सकें।
धूल भरी पिचों पर हुई कड़ी मेहनत
मिचेल ने बताया कि उन्होंने साउथ आइलैंड के लिंकन इलाके में बने अभ्यास स्थल पर कई सुबह धूल भरी पिचों पर बिताईं। उनका कहना है कि यह मेहनत टीवी की चकाचौंध से दूर होती है, लेकिन यही असली तैयारी होती है। ऐसी पिचों पर अभ्यास से उन्हें स्पिन और धीमी गेंदों को खेलने की समझ मिली, जिसका फायदा भारत में साफ दिख रहा है।
इसे भी पढ़ें : Supreme Court की सख्ती से Mamata सरकार घिरी, जांच में दखल पर कड़ी टिप्पणी, Bengal प्रशासन पर बढ़ा संकट
भारत के खिलाफ लगातार धमाल
भारत के खिलाफ डैरेल मिचेल का रिकॉर्ड खुद उनकी कहानी बयान करता है। पिछले चार मुकाबलों में उन्होंने तीन बार शतक जड़ा है और हर बार टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। एशियाई उपमहाद्वीप में उनका औसत बेहद शानदार रहा है, जो यह दिखाता है कि वह इन परिस्थितियों में खुद को कितनी अच्छी तरह ढाल चुके हैं। भारत की जमीन पर उनका प्रदर्शन खास तौर पर चर्चा का विषय बन गया है।
इंदौर में फिर नजरें मिचेल पर
अब सबकी निगाहें इंदौर में होने वाले तीसरे और आखिरी मुकाबले पर टिकी हैं। डैरेल मिचेल ने साफ कर दिया है कि वह हर हालात में बल्लेबाजी के नए तरीके तलाशते हैं, चाहे वह पैरों का इस्तेमाल हो या क्रीज पर आगे पीछे होना। उनका अगला लक्ष्य फिर से बड़ी पारी खेलकर न्यूजीलैंड को सीरीज जिताना होगा। अगर मिचेल की यही लय जारी रही, तो भारतीय गेंदबाजों की चुनौती और भी मुश्किल हो सकती है।