CM launches a scathing attack: विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व की आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई थी, जिसे मौजूदा सरकार को चुकाना पड़ा। सीएम ने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने बजट पर सार्थक चर्चा करने के बजाय विरोध प्रदर्शन को प्राथमिकता दी।
प्रबंधन पर सवाल
सीएम ने कहा कि लोन लेना कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिछली सरकार ने भारी कर्ज छोड़कर वित्तीय दबाव बढ़ा दिया। उन्होंने बताया कि 2019-20 और 2021 में भी बड़े पैमाने पर कर्ज लिया गया था। इसके अलावा कई परियोजनाओं के लिए लिए गए लोन का भुगतान अब मौजूदा सरकार को करना पड़ रहा है।
अधूरे प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सैकड़ों स्कूल अधूरे छोड़ दिए गए और उनकी लागत कई गुना बढ़ गई। उन्होंने कहा कि 20 करोड़ रुपये में बनने वाले स्कूल 80 करोड़ तक पहुंच गए, लेकिन फिर भी पूरे नहीं हुए। अस्पतालों की स्थिति भी खराब बताई गई और उन पर हजारों करोड़ की देनदारी होने की बात कही गई।
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योजनाओं पर असर
सीएम के मुताबिक खिलाड़ियों के 24 करोड़ रुपये के बकाए, स्कॉलरशिप के 17.5 करोड़ रुपये और कई अन्य भुगतान लंबित थे, जिन्हें अब सरकार पूरा कर रही है। मेट्रो और एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स में भी पिछली सरकार के बकाया भुगतान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार इन जिम्मेदारियों को निभा रही है।
विकास का दावा
रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ईवी पॉलिसी और अन्य योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने कई योजनाओं में पर्याप्त फंड नहीं दिया। साथ ही यह भी कहा कि अब दिल्ली को विकास की दिशा में आगे ले जाया जा रहा है और हर विभाग में सुधार के लिए काम किया जा रहा है।