3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच हुई उड़ानों की अव्यवस्था को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय लगातार इंडिगो एयरलाइंस के संपर्क में है। डीजीसीए ने साफ किया है कि इस दौरान जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई थीं, उनके रिफंड की स्थिति की निगरानी की जा रही है ताकि किसी यात्री को परेशानी न हो।
रद्द उड़ानों का रिफंड पूरा
डीजीसीए के अनुसार इंडिगो एयरलाइंस ने जानकारी दी है कि 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच रद्द हुई सभी उड़ानों का रिफंड पूरी तरह मूल भुगतान माध्यम में प्रोसेस कर दिया गया है। यानी जिन यात्रियों ने कार्ड, यूपीआई या अन्य माध्यम से टिकट बुक किया था, उन्हें उसी तरीके से पैसा वापस कर दिया गया है।
मुआवजा पाने का हक किसे
जिन यात्रियों की उड़ानें तय प्रस्थान समय से 24 घंटे के भीतर रद्द की गई थीं, वे डीजीसीए के नियमों के तहत मुआवजे का दावा कर सकते हैं। यह नियम यात्रियों को देरी, रद्दीकरण और बोर्डिंग से इनकार की स्थिति में राहत देने के लिए बनाए गए हैं। पात्र यात्रियों को तय प्रक्रिया के अनुसार दावा करना होगा।
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इंडिगो की अतिरिक्त राहत योजना
प्रभावित यात्रियों को राहत देने के लिए इंडिगो ने एक विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत पात्र यात्रियों को कुल दस हजार रुपये मूल्य के दो यात्रा वाउचर दिए जा रहे हैं। हर वाउचर पांच हजार रुपये का होगा, जिसका इस्तेमाल आगे की यात्राओं में किया जा सकता है।
वाउचर की वैधता और पात्रता
एयरलाइन की ओर से दिए जा रहे ये वाउचर जारी होने की तारीख से बारह महीने तक मान्य रहेंगे। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए है जिनकी उड़ानें 3 से 5 दिसंबर के बीच रद्द हुई थीं या जिनकी उड़ानें तीन घंटे से ज्यादा देरी से चली थीं। खास तौर पर वे यात्री जो इस दौरान एयरपोर्ट पर लंबे समय तक फंसे रहे, उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
डीजीसीए ने यात्रियों को सलाह दी है कि टिकट बुक करते समय सही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जरूर दर्ज करें। इससे उड़ान में बदलाव या रद्दीकरण की जानकारी समय पर मिल सकेगी। यात्रियों से यह भी कहा गया है कि वे समय रहते अपनी पात्रता जांचें और तय प्रक्रिया के अनुसार रिफंड या मुआवजे का दावा करें, ताकि किसी तरह की दिक्कत न हो।