देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 17 जनवरी को नरेंद्र मोदी इस खास ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसी दिन 7 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की भी शुरुआत होगी। कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से होगा, जहां प्रधानमंत्री रेल, सड़क और जल परिवहन से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
हावड़ा से गुवाहाटी की नई स्लीपर सुविधा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी कामाख्या के बीच चलेगी। यह पूरी तरह वातानुकूलित होगी और रात की लंबी यात्रा के लिए आरामदायक स्लीपर कोच से लैस रहेगी। प्रधानमंत्री मालदा टाउन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे, जबकि गुवाहाटी कामाख्या से हावड़ा के लिए चलने वाली ट्रेन को वर्चुअल माध्यम से रवाना किया जाएगा।
यात्रा समय घटेगा, सुविधा बढ़ेगी
इस नई स्लीपर ट्रेन से हावड़ा गुवाहाटी मार्ग पर यात्रा का समय करीब ढाई घंटे तक कम हो जाएगा। यात्रियों को किफायती किराए पर विमान जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे धार्मिक यात्राओं, पर्यटन और व्यापारिक आवाजाही को बड़ा फायदा होगा। लंबी दूरी की यात्रा अब ज्यादा आरामदायक और तेज हो सकेगी।
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पश्चिम बंगाल में नई रेल परियोजनाएं
प्रधानमंत्री चार बड़ी रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें बालुरघाट हिली नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में आधुनिक फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा, सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन और वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस ढांचे का आधुनिकीकरण शामिल है। इन परियोजनाओं से यात्रियों के साथ साथ माल ढुलाई सेवाएं भी मजबूत होंगी और रोजगार के नए मौके बनेंगे।
7 अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत
इसी कार्यक्रम में 7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी मिलेगी। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी से नागरकोइल, तिरुचिरापल्ली, अलीपुरद्वार से बेंगलुरु और मुंबई पनवेल, कोलकाता से आनंद विहार, बनारस और तांबरम के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। ये ट्रेनें आम यात्रियों, छात्रों और कामगारों के लिए भरोसेमंद और सस्ती कनेक्टिविटी देंगी।
पूर्व और पूर्वोत्तर को मिलेगा बड़ा फायदा
इन सभी रेल परियोजनाओं से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में आधुनिक ढांचा मजबूत होगा। साथ ही नई एलएचबी कोच वाली ट्रेनों से बेंगलुरु जैसे बड़े रोजगार केंद्रों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह पहल रेल यात्रा को तेज, सुरक्षित और ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।