Delhi Crime: दिल्ली के यमुनापार में लगातार हो रही फायरिंग और गैंगवॉर की घटनाओं के पीछे विदेशी नेटवर्क के जरिए कारतूसों की तस्करी का बड़ा जाल सामने आ रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल की सीमाओं से अवैध कारतूस उत्तर प्रदेश के रास्ते राजधानी तक पहुंचाए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कुख्यात हाशिम बाबा, छेनू पहलवान और नासिर जैसे गैंग इन विदेशी कारतूसों का इस्तेमाल कई वारदातों में कर चुके हैं। कई घटनाओं में एक ही ब्रांड और बैच नंबर के कारतूस बरामद होने से यह साफ हुआ है कि सप्लाई एक ही स्रोत से हो रही है।
क्या कहते हैं पुलिस के सूत्र
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीमाई इलाकों से आने वाले कारतूसों को पहले छोटे पार्सलों में बांट दिया जाता है, ताकि किसी बड़े कंसाइनमेंट के पकड़े जाने का खतरा न रहे। दिल्ली पहुंचने के बाद लोकल एजेंट इन्हें जरूरत और डिलीवरी के हिसाब से बांटते हैं। यही एजेंट तय करते हैं कि किसे कितनी गोलियां और किस बोर की पिस्टल पहुंचानी है। अब यह नेटवर्क सोशल मीडिया पर भी सक्रिय है। फेसबुक और टेलीग्राम पर खुलेआम हथियारों की बिक्री के विज्ञापन सामने आ रहे हैं। कई मामलों में दिल्ली पुलिस ने ऐसे ऑनलाइन ग्रुप्स से जुड़कर हथियार बेचने वालों को गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच ने कई इंटरस्टेट गैंग पकड़े हैं, जो यूपी और बिहार से देसी कट्टे दिल्ली में सप्लाई कर रहे थे। शाहदरा, नॉर्थ-ईस्ट और आउटर नॉर्थ जिले अवैध हथियारों के सबसे बड़े केंद्र बन चुके हैं। शाहदरा में गैंगस्टर रंगदारी के लिए गोलियां बरसाकर दहशत फैला रहे हैं।
रंगदारी का धंधा
सूत्रों के मुताबिक शाहदरा में हाशिम बाबा का नेटवर्क मजबूत हो चुका है, जो विदेश में बैठे अपने साथी राशिद केबल वाला के जरिए रंगदारी का धंधा चला रहा है। पिछले नौ महीनों में जिले में कई बड़ी वारदातें हो चुकी हैं। मार्च में जगतपुरी के बुकी मोनू सरदार से चार करोड़ की रंगदारी मांगी गई, रकम न देने पर उसके घर पर गोलियां चलाई गईं। अगस्त में आनंद विहार के एक मेडिकल कारोबारी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के बाद भी बदमाशों ने घर के बाहर फायरिंग की थी। हाल ही में 2 नवंबर को बिहारी कॉलोनी में 30 लाख की रंगदारी न देने पर गोलियां बरसाई गईं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और विदेशी सप्लायरों से जुड़े धागे सुलझाने में जुटी है।