दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और आज सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंत्रियों की अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में ड्राफ्ट पर अंतिम चर्चा होगी, जिसके बाद इसे जनता के सामने लाया जाएगा। पुरानी EV पॉलिसी 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है, इसलिए सरकार नए साल से नई पॉलिसी लागू करना चाहती है। पहली पॉलिसी से उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं बढ़ी, इसलिए अब सरकार एक बड़ा और व्यापक बदलाव करने की तैयारी में है।
EV पॉलिसी 2.0 की सबसे बड़ी खासियत
नई पॉलिसी का पहला और सबसे अहम फोकस बैटरी रीसाइक्लिंग है। इलेक्ट्रिक व्हीकल में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी की उम्र 8 साल होती है और पुरानी बैटरियों को निपटाना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। इसलिए दिल्ली पहली बार एक संगठित बैटरी रिसाइक्लिंग चेन लागू करने जा रही है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि ई-वेस्ट की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी। सरकार का मानना है कि बिना सही रीसाइक्लिंग सिस्टम के EV मार्केट तेज़ी से आगे नहीं बढ़ सकता।
गाड़ियों पर मिलेगी भारी छूट
पॉलिसी का दूसरा बड़ा लक्ष्य लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ आकर्षित करना है। ड्राफ्ट में प्रस्ताव रखा गया है कि वाहन मालिकों को उनकी गाड़ी की मार्केट वैल्यू के आधार पर 50% तक की छूट मिल सकती है। यानी लोग अपनी पुरानी पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करा सकेंगे या नई EV खरीदते समय बड़ी राहत पा सकेंगे। हालांकि अंतिम छूट का फैसला कैबिनेट लेगी। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो दिल्ली में EV अपनाने की रफ्तार कई गुना बढ़ सकती है।
इसे भी पढ़ें : Azam Khan को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने कर दिया सेना टिप्पणी मामले में दोषमुक्त, क्या आएंगे अब जेल से बाहर जानिए ?
2030 तक बनेगा चार्जिंग का बड़ा नेटवर्क
दिल्ली सरकार का तीसरा लक्ष्य राजधानी में विशाल चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है। पॉलिसी 2.0 के तहत 2030 तक 5000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना है। हर स्टेशन पर 4-5 चार्जिंग प्वॉइंट होंगे और इन्हें मार्केट कॉम्पलेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, सरकारी इमारतों और ऑफिसों में स्थापित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि जब चार्जिंग की समस्या खत्म होगी, तभी इलेक्ट्रिक वाहन आसानी से आम लोगों तक पहुंच पाएंगे।