Delhi fire tragedy: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को साकेत स्थित अस्पताल पहुंचीं और घायलों का हालचाल जाना। घटना के लगभग 26 घंटे बाद अस्पताल पहुंची मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और किसी भी तरह की प्रशासनिक कमी न रहने दी जाए। हादसे में 21 लोगों की जान गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
मृतकों और घायलों के लिए सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा घायलों के इलाज का खर्च सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सरकार ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
हादसे के बाद सामने आईं अनियमितताएं
प्रारंभिक जांच में होटल संचालन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताओं की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिस भवन में होटल संचालित किया जा रहा था, वहां सीमित कमरों की अनुमति थी, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भवन और होटल संचालन से जुड़े नियमों का कितना पालन किया गया था और किन स्तरों पर चूक हुई।
#WATCH | Delhi CM Rekha Gupta met injured victims of the Malviya Nagar fire tragedy in Max Hospital, Saket, today
— ANI (@ANI) June 4, 2026
Delhi govt to give Rs 10 lakh to kin of deceased; Rs 5 lakh to seriously injured persons.
(Video source: CMO) pic.twitter.com/6YBLJ40sO1
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होटल मालिक की गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, होटल के संचालन और लाइसेंस संबंधी कई पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है जो होटल के दैनिक संचालन और प्रबंधन से जुड़े थे। मामले में अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की तलाश भी जारी है।
जांच का दायरा बढ़ा, जिम्मेदारी तय करने पर जोर
अधिकारियों का मानना है कि आग लगने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तृत जांच आवश्यक है। राहत और बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान हुआ। अब प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।