Pink Card: दिल्ली सरकार महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में और ज्यादा सहूलियत देने जा रही है। राजधानी में जल्द ही पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना शुरू होने वाली है, जिसके तहत महिलाओं को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह नया स्मार्ट कार्ड मौजूदा गुलाबी कागजी टिकटों की जगह लेगा, जिससे रोजाना सफर करने वाली महिलाओं को बार-बार टिकट लेने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाओं का सफर सुरक्षित, आसान और पूरी तरह डिजिटल हो। माना जा रहा है कि नए साल 2026 की शुरुआत से यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू कर दी जाएगी।
पिंक सहेली कार्ड, डिजिटल सफर
दिल्ली परिवहन विभाग ने इस योजना के लिए एयरटेल पेमेंट बैंक और मफिन पेमेंट बैंक को जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार जनवरी के पहले हफ्ते से पिंक कार्ड बांटने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। कार्ड मिलने के बाद महिलाएं बस में चढ़ते ही कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर कार्ड टैप करेंगी और बिना किसी शुल्क के सफर कर सकेंगी। यह सुविधा 12 साल या उससे अधिक उम्र की लड़कियों और महिलाओं के लिए होगी। सरकार इसे महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों और सुरक्षा से जोड़कर देख रही है।
आधार जरूरी, तीन तरह के कार्ड
पिंक स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए दिल्ली का आधार कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज होगा। इसके अलावा पहचान पत्र, निवास प्रमाण और फोटो भी मांगे जाएंगे। परिवहन विभाग के अनुसार कुल तीन तरह के स्मार्ट कार्ड जारी होंगे—पहला महिलाओं के लिए पिंक सहेली कार्ड, दूसरा विशेष श्रेणी जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग और अन्य पास धारकों के लिए, और तीसरा सामान्य यात्रियों के लिए। सामान्य कार्ड मेट्रो कार्ड की तरह काम करेगा, जिसके लिए करीब 120 रुपये का शुल्क तय किया गया है। इस योजना से दिल्ली में बस यात्रा पूरी तरह स्मार्ट और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।