
Delhi Ladli Yojana: दिल्ली सरकार की लाडली योजना का उद्देश्य बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है। इस योजना के तहत छात्राओं को विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। हाल ही में सरकार ने घोषणा की है कि लगभग 40,000 छात्राओं को लंबित वित्तीय सहायता जल्द दी जाएगी। इसके लिए जिला-वार सत्यापन अभियान भी चलाया गया था ताकि उन पात्र बालिकाओं की पहचान की जा सके, जिनका पैसा आवेदन नवीनीकरण या स्कूल बदलने की वजह से अटका हुआ था।
क्या है लाडली योजना और कब मिलता है पैसा?
यह योजना 1 जनवरी 2008 को शुरू की गई थी। इसके अंतर्गत दिल्ली में जन्मी बेटियों को उनकी पढ़ाई के विभिन्न चरणों पर आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में सावधि जमा (FD) के रूप में रखी जाती है और समय के साथ इस पर ब्याज मिलता है। छात्रा यह धनराशि कक्षा 10 के बाद या 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर निकाल सकती है। इसका इस्तेमाल उच्च शिक्षा, प्रोफेशनल ट्रेनिंग या छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए किया जा सकता है।
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कौन हैं पात्र और क्या है योजना का उद्देश्य?
इस योजना का लाभ वही लड़कियां ले सकती हैं जिनका जन्म 1 जनवरी 2008 या उसके बाद दिल्ली में हुआ हो, परिवार पिछले तीन साल से दिल्ली में रह रहा हो और सालाना आय ₹1 लाख से कम हो। यह लाभ प्रति परिवार अधिकतम दो बेटियों तक ही सीमित है और छात्रा का नाम दिल्ली सरकार, एमसीडी या एनडीएमसी के मान्यता प्राप्त स्कूल में होना चाहिए। योजना के तहत बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, स्कूल छोड़ने वालों की संख्या कम करना, लैंगिक समानता लाना और बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देना मुख्य उद्देश्य है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल बेटियों को पढ़ाई का सहारा मिलेगा बल्कि वे भविष्य में आत्मनिर्भर भी बनेंगी।