दिल्ली में रहने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब बिना नियमित एलपीजी कनेक्शन के भी 5 किलो का छोटा सिलेंडर मिल सकेगा। इसके लिए केवल आधार कार्ड या कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। सरकार के इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो किराए के कमरों में रहते हैं और जिनके पास स्थायी पता नहीं होता। इससे उनकी रोजमर्रा की रसोई की समस्या काफी हद तक आसान हो जाएगी।
क्या दिल्ली में गैस की कोई कमी है?
सरकार ने साफ किया है कि दिल्ली में ईंधन या ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। एलपीजी, पीएनजी, पेट्रोल और डीजल सभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। साथ ही कालाबाजारी या किसी भी तरह की गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर लोग यहां शिकायत दर्ज करा सकते हैं और तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
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क्या पीएनजी को बढ़ावा देने की तैयारी है?
सरकार अब पाइपलाइन गैस यानी पीएनजी को तेजी से बढ़ावा दे रही है। जिन इलाकों में यह सुविधा उपलब्ध है, वहां लोगों से एलपीजी छोड़कर पीएनजी अपनाने की अपील की गई है। पहले रोजाना 1000 नए कनेक्शन दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3000 प्रतिदिन कर दिया गया है। संकेत यह भी है कि भविष्य में पीएनजी उपलब्ध होने के बावजूद एलपीजी का इस्तेमाल करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या कनेक्शन की जांच भी जरूरी होगी?
दिल्ली में करीब 56 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन मौजूद हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपने कनेक्शन की सही श्रेणी सुनिश्चित करें। इसका मकसद घरेलू गैस के गलत इस्तेमाल को रोकना और जरूरतमंदों तक सही लाभ पहुंचाना है। इस कदम से व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी होगी और सब्सिडी का फायदा सही लोगों तक पहुंच सकेगा।