Petroleum and Natural Gas Regulatory Board के अनुसार भारत में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का बड़ा विस्तार संभव है। अधिकारियों का कहना है कि देश अपने मौजूदा गैस उत्पादन के आधार पर ही करोड़ों घरों तक PNG पहुंचा सकता है। अभी जहां करीब 1–1.2 करोड़ घरों में PNG कनेक्शन हैं, वहीं इसे भविष्य में 30 करोड़ तक बढ़ाने की क्षमता बताई जा रही है।
सरकार क्यों दे रही है PNG पर जोर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और एलपीजी सप्लाई पर दबाव के बीच सरकार PNG को प्राथमिकता दे रही है। इसका मकसद आयात पर निर्भरता कम करना और लोगों को लगातार गैस सप्लाई देना है। सरकार रोजाना 8-9 हजार नए कनेक्शन जोड़ रही है और इसे बढ़ाकर 20 हजार प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है।
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अब कनेक्शन लेना होगा आसान
Ministry of Petroleum and Natural Gas ने नियमों में बदलाव कर PNG कनेक्शन की मंजूरी प्रक्रिया को आसान बना दिया है। ‘डीम्ड अप्रूवल’ जैसे प्रावधान लागू किए गए हैं, जिससे प्रोजेक्ट्स में देरी कम होगी और तेजी से नए कनेक्शन मिल सकेंगे।
कैपेक्स नहीं, मंजूरी थी असली बाधा
विशेषज्ञों के मुताबिक PNG नेटवर्क विस्तार में पूंजी की कमी नहीं, बल्कि मंजूरी में देरी सबसे बड़ी समस्या थी। अब प्रक्रियाएं आसान होने से सिटी गैस कंपनियां तेजी से नेटवर्क बढ़ा पाएंगी। इसका फायदा उपभोक्ताओं को सस्ती, सुरक्षित और बिना झंझट वाली गैस सप्लाई के रूप में मिलेगा, जिससे आने वाले समय में PNG एलपीजी का बड़ा विकल्प बन सकता है।