राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इन दिनों नए संकट का सामना कर रही है। मेट्रो ट्रैक के पास बिछी बिजली और सिग्नलिंग केबल की लगातार चोरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि चोर हाई-टेंशन तांबे की केबल काटकर ले जा रहे हैं, जिससे मेट्रो संचालन पर सीधा असर पड़ रहा है। इस वजह से कई बार ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सिग्नल सिस्टम हो रहा फेल
DMRC के अनुसार केबल कटने से मेट्रो का सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित हो जाता है। जब सिग्नल सिस्टम ठीक से काम नहीं करता तो ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ती है या फिर कुछ समय के लिए सेवाएं रोकनी पड़ती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर पीक आवर्स में देखने को मिलता है जब हजारों यात्री ऑफिस और दूसरे कामों के लिए सफर कर रहे होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे सिर्फ यात्रियों का समय ही खराब नहीं होता बल्कि मेट्रो संचालन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
13 हॉटस्पॉट की पहचान
केबल चोरी की लगातार घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस और मेट्रो यूनिट ने जांच शुरू की। जांच में 13 ऐसे संवेदनशील रूट और इलाके सामने आए हैं जहां चोरी का खतरा सबसे ज्यादा है। इनमें ब्लू लाइन के यमुना बैंक, मयूर विहार और आनंद विहार इलाके शामिल हैं। इसके अलावा रेड लाइन पर शास्त्री पार्क, सीलमपुर और रिठाला के बीच कई हिस्से संवेदनशील पाए गए हैं। पिंक और मजेंटा लाइन के कुछ एलिवेटेड और ग्राउंड सेक्शन भी चोरों के निशाने पर बताए जा रहे हैं।
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क्यों आसान बन रहे निशाना
पुलिस के मुताबिक जिन इलाकों में ट्रैक के पास झुग्गियां हैं या जहां बाउंड्री वॉल कम ऊंचाई की है वहां चोरी की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। कई जगह सुनसान इलाकों का फायदा उठाकर चोर रात के समय केबल काट लेते हैं। तांबे की केबल बाजार में महंगे दाम पर बिकती है इसलिए यह चोरी लगातार बढ़ रही है। पुलिस को शक है कि कुछ कबाड़ी भी चोरी का सामान खरीदकर इस नेटवर्क को बढ़ावा दे रहे हैं।
सुरक्षा के लिए नई रणनीति
इस खतरे से निपटने के लिए DMRC और दिल्ली पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है। संवेदनशील रूट पर रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है। ड्रोन कैमरों और आधुनिक निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। जहां से चोरों के घुसने की आशंका ज्यादा है वहां बाउंड्री वॉल ऊंची की जा रही है और कंटीले तार लगाए जा रहे हैं। पुलिस अब चोरी की केबल खरीदने वाले कबाड़ियों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
यात्रियों से भी मांगी मदद
मेट्रो प्रशासन ने लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति ट्रैक के आसपास दिखाई दे तो तुरंत सुरक्षाकर्मियों या पुलिस को सूचना दी जाए। प्रशासन का मानना है कि दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा सिर्फ सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि यात्रियों और नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। आने वाले दिनों में संवेदनशील इलाकों में और ज्यादा निगरानी बढ़ाई जा सकती है।