दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली मेट्रो के फेज-5 प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत तीन नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 12,014 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि साल 2028 तक यह काम पूरा कर लिया जाए। इन नए रूट्स का मकसद राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाकों को बेहतर और तेज कनेक्टिविटी देना है।
तीन नए कॉरिडोर से बढ़ेगा नेटवर्क
फेज-5 में जो तीन कॉरिडोर बनाए जाएंगे, वे मौजूदा मेट्रो लाइनों का विस्तार होंगे। यानी जहां पहले से मेट्रो चल रही है, वहीं से आगे नए स्टेशन जुड़ेंगे। इससे यात्रियों को बिना ज्यादा बदलाव के लंबी दूरी तय करने की सुविधा मिलेगी। खासतौर पर ऑफिस जाने वाले और रोजाना सफर करने वाले लोगों को फायदा होगा।
मैजेंटा लाइन बनेगी सबसे लंबी लाइन
फेज-5 के बाद मैजेंटा लाइन दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी। यह लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंदरलोक तक करीब 89 किलोमीटर लंबी हो जाएगी। इसके तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक नया विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा इंद्रप्रस्थ से इंदरलोक वाला हिस्सा भी इसी लाइन में जोड़ा जाएगा। पूरी लाइन तैयार होने के बाद यह ड्राइवरलेस यानी बिना ड्राइवर के चलने वाली मेट्रो होगी।
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21 इंटरचेंज स्टेशन से मिलेगा बड़ा फायदा
विस्तार के बाद मैजेंटा लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। यानी यात्री अलग-अलग लाइनों में आसानी से बदल सकेंगे। सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, नई दिल्ली, आजादपुर और इंदरलोक जैसे स्टेशन ट्रिपल इंटरचेंज बनेंगे। इससे एक ही जगह से तीन लाइनों में सफर की सुविधा मिलेगी। कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 अंडरग्राउंड यानी जमीन के नीचे होंगे।
भीड़ कम होगी, समय बचेगा
नई कनेक्टिविटी से यात्रियों का सफर आसान होगा। अलग-अलग लाइनों को जोड़ने से बार-बार ऑटो या बस लेने की जरूरत कम होगी। ऑफिस टाइम में भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। खासतौर पर सेंट्रल विस्टा और घनी आबादी वाले इलाकों में सफर पहले से ज्यादा सुगम होगा।
2028 तक मिलेगा पूरा लाभ
सरकार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क और भी मजबूत हो जाएगा। बढ़ती आबादी और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए यह विस्तार काफी अहम माना जा रहा है। आने वाले सालों में दिल्ली की यात्रा और ज्यादा तेज, आरामदायक और आधुनिक होने वाली है।