Delhi Red Fort Blast: लाल किला ब्लास्ट केस की जांच में दिल्ली पुलिस को एक नई सुराग मिली है। पुलिस ने एक लाल रंग की इको स्पोर्ट कार (नंबर DL10CK0458) को लेकर अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी ब्लास्ट के मुख्य आरोपी उमर उन नबी उर्फ उमर मोहम्मद से जुड़ी हो सकती है। पुलिस को शक है कि इस कार का इस्तेमाल साजिश को अंजाम देने में किया गया था या इसमें विस्फोटक सामग्री ले जाई गई थी। इस सुराग के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और पांच टीमें विभिन्न इलाकों में इस गाड़ी की तलाश कर रही हैं।
यूपी-हरियाणा में भी अलर्ट
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि उमर ने यह लाल रंग की इको स्पोर्ट कार दिल्ली में फर्जी पते के आधार पर खरीदी थी। यह गाड़ी साल 2017 में राजौरी गार्डन आरटीओ से रजिस्टर्ड की गई थी, जबकि रजिस्ट्रेशन में सीलमपुर का पता दिया गया था। मंगलवार को जब पुलिस टीम उस पते पर पहुंची तो पता चला कि वह पूरी तरह फर्जी था। इस गाड़ी का इंश्योरेंस फरवरी 2026 तक वैध है और फिटनेस नवंबर 2032 तक। गाड़ी फिलहाल कहां है, इसका कोई पता नहीं चल पाया है। गाड़ी को लेकर दिल्ली के सभी थानों, बॉर्डर पोस्ट और यूपी व हरियाणा पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
यह भी देखेंःJaish-e-Mohammed: डॉक्टरों के जरिये जैश-ए-मोहम्मद का नेटवर्क सक्रिय, साजिश के पीछे मसूद अजहर का भाई
टेलीग्राम ग्रुप्स पर नजर
जांच एजेंसियों को शक है कि लाल किला ब्लास्ट के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है। एजेंसियों ने अब दो टेलीग्राम ग्रुप्स—‘फर्ज़दान-ए-दारुल उलूम (देवबंद)’ और ‘उमर बिन खत्ताब’—को जांच के दायरे में लिया है। माना जा रहा है कि उमर और उसके साथी इन्हीं ग्रुप्स के ज़रिए कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े और आतंक की राह पर चले। शुरुआती चैट में कश्मीर की आज़ादी और अत्याचार जैसे मुद्दे उठाए गए, जो बाद में वैश्विक जिहाद और बदले की भावना में बदल गए। पुलिस अब इन डिजिटल चैनलों और गाड़ी के बीच कनेक्शन ढूंढने में जुटी है ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।