संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को संसद मार्च का आह्वान किया। मार्च शुरू होने के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में तनाव की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज, पथराव और हंगामे के कई दावे सामने आए, लेकिन इन दावों को लेकर अलग-अलग पक्षों की बातें सामने आई हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि जंतर-मंतर से लोगों को हिरासत में लेने, लाठीचार्ज और हिंसा की वायरल खबरें सही नहीं हैं। पुलिस ने इन दावों का खंडन करते हुए लोगों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की। फिलहाल पुलिस की ओर से किसी बड़े हिंसक घटनाक्रम की पुष्टि नहीं की गई है
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कुछ समय के लिए राजीव चौक, पटेल चौक और सेवा तीर्थ जैसे मेट्रो स्टेशनों पर भी संचालन प्रभावित रहा। बाद में राजीव चौक समेत कुछ स्टेशनों को दोबारा खोल दिया गया।
ये भी पढ़ें : शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 650 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,200 के नीचे फिसला
बातचीत का दावा
CJP की ओर से दावा किया गया कि सरकार के साथ बातचीत जारी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उन्हें डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय ले जाया गया, जहां बातचीत की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
अनशन भी हुआ समाप्त
आंदोलन से जुड़े पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की है। इससे पहले CJP ने भी दावा किया था कि सरकार से संवाद की संभावना बनी हुई है। आंदोलन की आगे की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।
वायरल दावों पर रखें सावधानी
प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट तेजी से साझा किए गए। हालांकि, इनमें किए गए सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में किसी भी घटना को लेकर निष्कर्ष निकालने से पहले पुलिस और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।