राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई। जंतर-मंतर से शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विजय चौक की ओर बढ़े, जिसके बाद संसद भवन के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन में अहम बैठक भी हुई।
विजय चौक और संसद परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई और कई प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त कर दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। हालात पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
जंतर-मंतर से निकले मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की। इसी दौरान संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को पुलिस अपने साथ डिप्टी कमिश्नर कार्यालय ले गई। उनका कहना था कि सरकार के साथ बातचीत जारी है।
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सोनम वांगचुक और विपक्ष का मिला समर्थन
22 दिनों से अनशन पर रहे सोनम वांगचुक ने अपना उपवास समाप्त करने के लिए सरकार के सामने तीन शर्तें रखीं। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल को पत्र लिखकर खुद को स्वस्थ बताते हुए प्रदर्शन में शामिल होने की इच्छा जताई। वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद संसद से जंतर-मंतर तक मार्च करते हुए प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने छात्रों की मांगों पर सरकार से बातचीत की अपील की।
इंटरनेट सेवा प्रभावित, किसान संगठनों की भी सक्रियता
स्थिति को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। दूसरी ओर, किसान संगठनों ने भी प्रदर्शन को समर्थन देने का ऐलान किया, जिसके बाद सिंघु बॉर्डर समेत दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। इसी बीच जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल में शामिल कुछ छात्र नेताओं ने वरिष्ठ सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त कर दिया। पूरे घटनाक्रम के बीच राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।