Delhi Patna Bullet Train : दिवाली और छठ जैसे त्योहारों पर दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। लंबी दूरी के कारण यात्रियों को कई घंटे सफर करना पड़ता है और कन्फर्म टिकट मिलना भी चुनौती बन जाता है। ऐसे में प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर आने वाले समय में इस पूरे सफर का अनुभव बदल सकता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस रूट के जरिए दिल्ली से कई प्रमुख शहरों तक पहुंचने का समय मौजूदा यात्रा अवधि से काफी कम हो जाएगा।
कानपुर और लखनऊ की दूरी होगी बेहद कम
प्रस्तावित रूट में दिल्ली से आगरा तक का सफर करीब 58 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। वहीं दिल्ली से कानपुर की दूरी लगभग 455 किलोमीटर है, जिसे करीब 1 घंटे 45 मिनट में तय किया जा सकेगा। दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में करीब 2 घंटे 12 मिनट लगने का अनुमान है। इस तरह उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी का नया विकल्प तैयार हो सकता है।
प्रयागराज और वाराणसी भी होंगे हाई-स्पीड नेटवर्क में
कॉरिडोर आगे बढ़ने पर दिल्ली से प्रयागराज की करीब 750 किलोमीटर दूरी लगभग 3 घंटे में पूरी हो सकती है। वहीं करीब 950 किलोमीटर दूर वाराणसी तक पहुंचने में लगभग 3 घंटे 30 मिनट लगने का अनुमान है। इन शहरों के लिए तेज कनेक्टिविटी से यात्रियों को खास राहत मिलने की उम्मीद है। धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वालों के लिए भी यह नेटवर्क अहम साबित हो सकता है।
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पटना का 12 घंटे का सफर सिमट सकता है
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल का सबसे बड़ा असर दिल्ली-पटना रूट पर दिखाई दे सकता है। करीब 1,170 किलोमीटर की दूरी को लगभग 4 घंटे 30 मिनट में पूरा करने का अनुमान है। वर्तमान में ट्रेन से इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे या उससे अधिक लग सकते हैं। अगर परियोजना प्रस्तावित समय के मुताबिक आकार लेती है तो दिल्ली और बिहार के बीच यात्रा का समय कई घंटे घट सकता है।
मुंबई-अहमदाबाद के बाद नेटवर्क विस्तार की तैयारी
देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम चल रहा है, जिसकी डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा और परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा है। प्रस्तावित नए नेटवर्क से सिर्फ यात्रा समय कम होने की उम्मीद नहीं है, बल्कि आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और पटना जैसे शहरों में पर्यटन, कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।