Ram Mandir CEO : अयोध्या में राम मंदिर प्रशासन को लेकर बुधवार को बड़ा बदलाव सामने आया। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO नियुक्त किया गया है। करीब 38 साल से अधिक के सैन्य करियर में उन्होंने भारतीय वायु सेना में कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। अब उनकी नई भूमिका मंदिर के संचालन और प्रशासन से जुड़ी बेहद अहम जिम्मेदारियों वाली होगी।
कई अहम पदों पर संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के अनुभवी एयर ऑफिसर रहे हैं। वह वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी सेवा दे चुके हैं। इसके अलावा फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, चीफ टेस्ट पायलट और दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह ASTE के कमांडेंट और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ जैसे पदों पर भी रहे हैं। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।
राम मंदिर CEO की सैलरी कितनी होगी?
अब सबसे बड़ा सवाल उनकी नई नौकरी की सैलरी को लेकर है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शर्तों के मुताबिक CEO का वेतन किसी सरकारी पे-स्केल के आधार पर तय नहीं होगा। 2026 में इस पद का सैलरी पैकेज उम्मीदवार और ट्रस्ट के बीच बातचीत के जरिए निर्धारित किया जाएगा। यानी जितेंद्र मिश्रा के अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और पिछले कार्यकारी रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए पैकेज तय किए जाने की संभावना है।
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सिर्फ वेतन नहीं, मिल सकती हैं कई सुविधाएं
राम मंदिर CEO का पद सामान्य प्रशासनिक नौकरी से काफी अलग माना जा रहा है। इस भूमिका में मंदिर के रोजाना संचालन, सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के प्रबंधन और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों जैसी जिम्मेदारियां शामिल हो सकती हैं। इसी स्तर को देखते हुए वेतन के अलावा अयोध्या में आवास, सरकारी वाहन, प्रशासनिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं पैकेज का हिस्सा बन सकती हैं।
एयरफोर्स में कितना था जितेंद्र मिश्रा का वेतन?
एयर मार्शल के पद पर रहते हुए जितेंद्र मिश्रा को लेवल-15 के तहत करीब 1,82,200 रुपये मासिक मूल वेतन मिलता था। इसमें महंगाई भत्ता, परिवहन भत्ता और सैन्य सेवा वेतन यानी MSP शामिल नहीं होते थे। इसके अलावा पात्रता और पोस्टिंग के अनुसार मकान किराया, हाई एल्टीट्यूड या फ्लाइंग अलाउंस जैसी सुविधाएं भी मिल सकती थीं। रिटायरमेंट के बाद भी इस रैंक के अधिकारियों को नियमों के तहत अलग-अलग सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त होते हैं। अब राम मंदिर CEO के रूप में उनका नया पैकेज किस स्तर तक जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।