Delhi-Patna passengers: और पटना के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सुपरफास्ट संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए इसके डिब्बों की संख्या बढ़ाने की मांग संसद में उठी है। यह ट्रेन बिहार और दिल्ली के बीच आवागमन का एक अहम जरिया मानी जाती है, जिसमें साल भर भारी भीड़ देखने को मिलती है। खासकर सामान्य श्रेणी के यात्रियों को सफर के दौरान गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है, जिससे उम्मीद है कि रेलवे इस दिशा में ठोस कदम उठा सकता है।
राज्यसभा में उठी यात्रियों की परेशानी
राज्यसभा के शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में भीड़ की समस्या को सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि बिहार के लाखों छात्रों, मजदूरों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए जीवन रेखा जैसी है। इसके बावजूद अनारक्षित डिब्बों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को बेहद कठिन हालात में यात्रा करनी पड़ती है। सांसद ने बताया कि सामान्य डिब्बों में यात्रियों की संख्या क्षमता से कई गुना अधिक हो जाती है, जिससे स्टेशन से लेकर ट्रेन के भीतर तक अव्यवस्था बनी रहती है।
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अनारक्षित डिब्बों पर बढ़ा जोर
सांसद ने विशेष रूप से अनारक्षित डिब्बों की स्थिति को चिंताजनक बताया। उनके अनुसार, भीड़ के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार ट्रेन में चढ़ना और उतरना भी जोखिम भरा हो जाता है। उन्होंने मांग की कि संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में अतिरिक्त अनारक्षित डिब्बे जोड़े जाएं। इसके साथ ही यात्रियों की संख्या को देखते हुए विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त सेवाओं के संचालन पर भी विचार किया जाए। सांसद ने यह भी कहा कि भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहतर प्रबंधन व्यवस्था जरूरी है। अब देखना होगा कि रेलवे इस मांग पर क्या निर्णय लेता है, लेकिन इस पहल से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद जरूर जगी है।