Delhi Student Housing : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से छात्रों की मौत के बाद प्रशासन और सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने डीडीए अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित और बेहतर आवासीय व्यवस्था तैयार करना था। अब राजधानी में सरकार की पहल पर नए पीजी और छात्रावास विकसित किए जाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
डीडीए को जमीन तलाशने का निर्देश
उपराज्यपाल ने डीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसी जमीनों की पहचान की जाए जहां छात्रों के लिए आधुनिक और सुरक्षित पीजी बनाए जा सकें। इसके बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में विश्वविद्यालयों और संबंधित संस्थानों को भी शामिल करने की बात कही गई है, ताकि छात्रों की जरूरतों के अनुसार सुविधाएं विकसित की जा सकें।
Met Shri N. Saravana Kumar, Vice Chairman, @official_dda, at @LokNiwasDelhi today to review options for alternative accommodation for students.
— LG Delhi (@LtGovDelhi) September 9, 2026
Directed DDA to expedite identification of suitable land parcels for PGs, prepare an actionable plan, and engage with University… pic.twitter.com/zbZXOtU5uB
किफायती और सुरक्षित आवास पर जोर
एलजी ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य छात्रों को सुरक्षित, सम्मानजनक और उचित किराये पर रहने की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राजधानी में बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित आवास नहीं मिल पाता। इसी समस्या को दूर करने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जाएगी।
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मास्टर प्लान में भी है प्रावधान
दिल्ली मास्टर प्लान 2041 में हॉस्टल और पीजी को लेकर पहले से कुछ दिशा-निर्देश मौजूद हैं। इसके अनुसार पीजी और छात्रावास मुख्य रूप से आवासीय और मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्रों में ही संचालित किए जा सकते हैं। वहीं कुछ विशेष श्रेणी के आवासीय इलाकों में कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और पीजी चलाने पर प्रतिबंध भी निर्धारित किया गया है।
अवैध निर्माण पर उठे सवाल
सत्य निकेतन की घटना ने राजधानी में अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद यह भी चर्चा तेज हो गई है कि कई छात्र ऊंचा किराया देने के बावजूद असुरक्षित इमारतों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में प्रशासन अब भवनों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर भी सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है।
छात्रों को मिल सकती है बड़ी राहत
यदि यह योजना जमीन पर उतरती है तो दिल्ली में पढ़ाई करने वाले हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है। सुरक्षित छात्रावास, नियंत्रित किराया और बेहतर सुविधाओं के साथ रहने की व्यवस्था शिक्षा के लिए राजधानी आने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है। अब नजर इस बात पर है कि डीडीए जमीन चिन्हित करने और योजना लागू करने की दिशा में कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।