राशन कार्ड सिर्फ सस्ते अनाज के लिए नहीं, बल्कि पहचान और पते के प्रमाण के रूप में भी अहम दस्तावेज है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में इसकी बड़ी भूमिका होती है। अब दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिए हैं, ताकि सही लोगों तक सुविधा पहुंचे और प्रक्रिया पारदर्शी बने।
परिवार की महिला होगी मुखिया
नई व्यवस्था के तहत अब परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य को ही मुखिया माना जाएगा और राशन कार्ड उसी के नाम पर बनेगा। अगर परिवार में केवल एक महिला है और उसकी उम्र 18 साल से कम है, तो ऐसे में सबसे बुजुर्ग पुरुष सदस्य को मुखिया बनाया जाएगा। अगर घोषित महिला मुखिया का निधन हो जाता है, तो परिवार की दूसरी बुजुर्ग महिला आवेदन कर सकती है। इससे कार्ड रद्द नहीं होगा और लाभ जारी रहेगा।
ये भी पढ़ें : Lakhpati Bitiya Yojana से बेटियों को मिलेगा 1 लाख तक फायदा, जानें कब और कैसे करें आवेदन
आय सीमा और कोटा में बदलाव
सरकार ने आय सीमा बढ़ा दी है। अब सालाना 1.20 लाख रुपये तक कमाने वाले परिवार राशन कार्ड के लिए पात्र होंगे, जबकि पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी। राशन कार्ड का कोटा अब जिले के आधार पर तय किया जाएगा। आगे नई जनगणना के आंकड़ों के अनुसार वितरण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जरूरतमंदों को संतुलित तरीके से लाभ मिल सके।
किन्हें नहीं मिलेगा राशन कार्ड
कुछ परिवार इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। अगर किसी के पास बड़ी कॉलोनी में मकान या जमीन है, परिवार का सदस्य आयकर देता है, चार पहिया वाहन है, सरकारी नौकरी करता है या घर में 2 किलोवाट से ज्यादा का बिजली कनेक्शन है, तो ऐसे परिवार को राशन कार्ड नहीं मिलेगा। सरकार का मकसद है कि लाभ सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक पहुंचे।