दिल्ली में गुरुवार की सुबह लोगों के लिए बेहद कंपकंपाने वाली रही। इस सर्दी के मौसम में राजधानी ने अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली के सफदरजंग क्षेत्र में न्यूनतम तापमान पांच दशमलव आठ डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री से ज्यादा कम रहा। इसी के साथ यह इस पूरे सर्दी के मौसम की तीसरी सबसे ठंडी सुबह बन गई। लोगों को सुबह घरों से निकलना मुश्किल हो गया और गलन ने परेशानी बढ़ा दी।
पालम में और ज्यादा गिरा पारा
दिल्ली के पालम इलाके में ठंड का असर और भी ज्यादा दिखा। यहां न्यूनतम तापमान चार दशमलव आठ डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब दो डिग्री कम रहा। मौसम के जानकारों के अनुसार यह इस साल दिल्ली की सबसे ठंडी सुबहों में गिनी जा रही है। सुबह के समय ठंडी हवाओं के चलते लोग पूरी तरह ठिठुरते नजर आए।
अगले छह दिन कैसी रहेगी ठंड
मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में अगले छह दिनों तक ठंड से राहत नहीं मिलेगी। न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री के आसपास बना रह सकता है। वहीं अधिकतम तापमान सोलह से सत्रह डिग्री के बीच रहने की संभावना है। घना कोहरा भले ही ज्यादा न हो लेकिन ठंडी हवाओं के कारण गलन लगातार बनी रहेगी। सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा सताएगी।
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उत्तर प्रदेश में भी बढ़ी सर्दी
उत्तर प्रदेश में भी मौसम ने करवट ले ली है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में तीन से छह डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। लखनऊ कानपुर समेत मध्य प्रदेश में रात की ठंड अचानक बढ़ गई है। आने वाले एक से दो दिन में तापमान और गिर सकता है।
हवाओं और कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
उत्तर प्रदेश और दिल्ली दोनों जगह पंद्रह से बीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया है। कई इलाकों में सुबह और रात के समय कोहरा भी देखने को मिल रहा है। बादलों की मौजूदगी के कारण धूप कमजोर रही जिससे लोगों को दिन में भी ठंड महसूस हो रही है।
दिल्ली की हवा की हालत
दिल्ली में ठंड के साथ हवा की गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। नेहरू नगर ओखला पटपड़गंज आर के पुरम और सिरिफोर्ट जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहा। ठंड और प्रदूषण के मेल ने बच्चों बुजुर्गों और बीमार लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।