गुरुवार को वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली। सुबह के कारोबार में सोना पिछले सत्र के मुकाबले टूट गया, जबकि चांदी की कीमत में भी साफ गिरावट दर्ज की गई। लगातार हो रही वैश्विक हलचल और निवेशकों की सतर्कता का असर कीमती धातुओं पर साफ नजर आ रहा है। इससे पहले भी बाजार में उतार चढ़ाव देखा गया था और अब एक बार फिर कीमतें दबाव में आ गई हैं।
सोने की कीमत में क्यों आई गिरावट
बाजार जानकारों के अनुसार सोने पर दबाव की सबसे बड़ी वजह वैश्विक संकेत हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश को लेकर दोबारा आकलन कर रहे हैं। इसी वजह से सोने में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है और कीमतों में नरमी आई है।
चांदी के दाम भी हुए कमजोर
सोने के साथ साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है। औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार के संकेतों का असर चांदी पर भी पड़ा है। निवेशकों ने चांदी में भी बिकवाली का रुख अपनाया, जिससे इसके भाव नीचे आए। जानकार मानते हैं कि जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते तब तक चांदी में भी उतार चढ़ाव बना रह सकता है।
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महानगरों में सोने का आज का भाव
अगर हाजिर बाजार की बात करें तो देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत अलग अलग बनी हुई है। दिल्ली में चौबीस कैरेट सोना प्रति ग्राम तेरह हजार आठ सौ से ज्यादा पर बिक रहा है। मुंबई और कोलकाता में भी दाम लगभग इसी स्तर पर हैं। चेन्नई में सोने का भाव अन्य शहरों के मुकाबले थोड़ा ऊंचा बना हुआ है। अलग अलग कैरेट के हिसाब से कीमतों में फर्क देखा जा रहा है।
वैश्विक बाजार से मिल रहे संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक आर्थिक आंकड़ों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रोजगार से जुड़े आंकड़ों और सेवा क्षेत्र की स्थिति पर निवेशकों की नजर है। इसके चलते सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में भी फिलहाल दबाव बना हुआ है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में निवेश करने वालों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। कीमतों में अभी और उतार चढ़ाव संभव है। जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं वे गिरावट के दौर में धीरे धीरे खरीदारी कर सकते हैं। वहीं अल्पकालिक निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्क रहना बेहतर माना जा रहा है।