दिल्ली सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जल्द ही स्मार्ट-पीडीएस परियोजना लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य राशन वितरण को आसान बनाना और फर्जीवाड़े व कालाबाजारी पर रोक लगाना है। फिलहाल यह परियोजना लागू करने की तैयारी चल रही है।
क्यूआर कोड और चेहरे से होगी पहचान
नई व्यवस्था के तहत मौजूदा राशन कार्डों को क्यूआर कोड वाले स्मार्ट कार्ड में बदला जाएगा। राशन लेने के समय लाभार्थियों की पहचान के लिए चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जिनके फिंगरप्रिंट मशीन पर सही तरीके से दर्ज नहीं हो पाते हैं।
घर बैठे मिलेगी पूरी जानकारी
स्मार्ट-पीडीएस लागू होने के बाद राशन कार्ड धारक ऑनलाइन देख सकेंगे कि उनका राशन कब जारी हुआ, किस सरकारी दुकान पर पहुंचा और वितरण कब होगा। इसके अलावा परिवार के सदस्य का नाम जोड़ना या हटाना, दस्तावेज अपलोड करना और आवेदन की स्थिति जैसी कई सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।
ये भी पढ़ें : HPCL LPG Delivery: अब गैस सिलेंडर के लिए नहीं करना होगा इंतजार, आधे घंटे में होगी डिलीवरी
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
सरकार का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था से फर्जी राशन कार्ड, डुप्लिकेट रिकॉर्ड और अनाज की कालाबाजारी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। डिजिटल सत्यापन के कारण पात्र लोगों तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
परीक्षण के बाद होगा लागू
इस परियोजना को लागू करने से पहले सरकार ने 16 सदस्यीय परीक्षण समिति बनाई है। इसमें विभिन्न जिलों के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। यह समिति नए राशन कार्ड प्रबंधन सिस्टम और उससे जुड़े ऐप की जांच कर रही है, ताकि व्यवस्था सुरक्षित, तेज और आम लोगों के लिए आसान बन सके।
अभी इंतजार आधिकारिक शुरुआत का
फिलहाल स्मार्ट-पीडीएस परियोजना तैयारी और परीक्षण के चरण में है। सरकार की ओर से इसे जल्द लागू करने की योजना है, लेकिन पूरे शहर में इसकी शुरुआत की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। इसके लागू होने के बाद राशन से जुड़ी अधिकांश सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी।