Delhi Pollution Control: दिल्ली सरकार ने सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शीतकालीन कार्ययोजना 2026-27 के तहत तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार प्रदूषण बढ़ने का इंतजार करने के बजाय पहले से रोकथाम और नियंत्रण के उपायों पर काम कर रही है। योजना में सख्त प्रवर्तन, तकनीक आधारित निगरानी, सार्वजनिक परिवहन और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।
नो PUCC-नो फ्यूल व्यवस्था होगी लागू
सरकार के मुताबिक दिल्ली में No PUCC-No Fuel व्यवस्था को मिशन मोड में लागू किया जाएगा। शहर के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर इसके पालन की निगरानी की जाएगी। पुराने यानी End-of-Life वाहनों के खिलाफ ANPR तकनीक के जरिए कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। सरकार का कहना है कि दिल्ली अपने क्षेत्र में प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण के साथ NCR के अन्य इलाकों के साथ भी समन्वय करेगी।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की तैयारी
दिल्ली में इस समय तीन Automated Testing Stations हैं, जिनकी कुल क्षमता हर साल करीब 2.44 लाख वाणिज्यिक वाहनों की जांच करने की है। सरकार के अनुसार दिल्ली की बस फ्लीट बढ़कर 6,840 हो गई है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। सरकार मेट्रो और बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ाने के साथ Delhi Metro Sarthi App, साझा परिवहन और कार-पूलिंग को भी बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है।
सर्दियों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम का प्लान
प्रदूषण और पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक कम करने के लिए चरणबद्ध कार्यालय समय और वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव के अनुसार MCD कार्यालय सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक और GNCTD के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे। सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम कराने की योजना है। इसका उद्देश्य सड़क पर वाहनों की संख्या और उनसे होने वाले उत्सर्जन को कम करना है।
हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी
सरकार ने प्रदूषण और ट्रैफिक हॉटस्पॉट के लिए भी अलग कार्ययोजना तैयार की है। प्रत्येक हॉटस्पॉट के आसपास तीन किलोमीटर के क्षेत्र को इसमें शामिल किया गया है। सरकार के अनुसार 62 ट्रैफिक जाम वाले स्थानों में से 42 का समाधान किया जा चुका है। 15 सिग्नल-फ्री स्ट्रेच में से 8 का काम पूरा हो गया है और बाकी 7 को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सड़क की धूल कम करने के लिए इस साल 3,065 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 20 सितंबर तक 1,193 किलोमीटर का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है।