Student Movement in Ranchi: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच देवेंद्र नाथ महतो एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की है। उनका कहना है कि जब तक दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र उनके समर्थन में जुट रहे हैं।
भूख हड़ताल से तेज हुआ आंदोलन
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि उन्होंने 5 जुलाई से आंदोलन की शुरुआत की थी। उनका आरोप है कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उनका कहना है कि इन मामलों को सार्वजनिक किए जाने के बाद निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग और मजबूत हुई है। इसी कारण उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता चुना।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से संघर्ष कर बनाई पहचान
रांची जिले के राहे प्रखंड के कापीडीह गांव के रहने वाले देवेंद्र नाथ महतो ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी शिक्षा पूरी की। उन्होंने संस्कृत और कुरमाली विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है, साथ ही बीएड भी किया है। वर्ष 2006 में उन्होंने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) से मैट्रिक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। छात्र उन्हें संघर्ष और मेहनत की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।
छात्रों का बढ़ता समर्थन
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन को कई छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का समर्थन मिल रहा है। महतो का कहना है कि युवाओं का भविष्य निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पर निर्भर करता है और इसी उद्देश्य से यह आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था के लिए है।
आगे की रणनीति पर सबकी नजर
देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। उनका दावा है कि राज्य के विभिन्न जिलों से छात्र लगातार इस अभियान से जुड़ रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित आयोग और राज्य सरकार इस आंदोलन तथा छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं।